{"_id":"683c9ee14307aebd1903bc54","slug":"1100-trees-were-planted-under-the-name-of-one-tree-for-mother-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-58913-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: एक वृक्ष मां के नाम के तहत 1100 पौधे लगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: एक वृक्ष मां के नाम के तहत 1100 पौधे लगाए
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने हयातपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में की शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने हयातपुर गांव में स्वच्छ हरियाणा और प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर एक वृक्ष मां के नाम थीम के तहत 1100 पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया गया और लोगों को पॉलिथीन मुक्त हरियाणा का संकल्प दिलाया गया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। आगामी मानसून में हर व्यक्ति दो पौधे अवश्य लगाए। एक अपने लिए और दूसरा अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए। यह न केवल हमारे पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ जीवन की नींव रखेगा।उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वृक्षारोपण का उद्देश्य मात्र पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित करना भी है। इसलिए पौधरोपण करते समय नागरिक ऐसे स्थलों का चयन करें, जहां वे आगामी पांच वर्षों तक पौधों की देखभाल सुनिश्चित कर सकें। राव ने कहा कि हरित क्षेत्र किसी भी क्षेत्र के वायु गुणवत्ता सूचकांक को बेहतर करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकतम हरित क्षेत्र का सृजन अत्यंत आवश्यक है। हवा, पानी और भोजन ये तीनों मानव जीवन के आधार स्तंभ हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने हयातपुर गांव में स्वच्छ हरियाणा और प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर एक वृक्ष मां के नाम थीम के तहत 1100 पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया गया और लोगों को पॉलिथीन मुक्त हरियाणा का संकल्प दिलाया गया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। आगामी मानसून में हर व्यक्ति दो पौधे अवश्य लगाए। एक अपने लिए और दूसरा अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए। यह न केवल हमारे पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ जीवन की नींव रखेगा।उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वृक्षारोपण का उद्देश्य मात्र पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित करना भी है। इसलिए पौधरोपण करते समय नागरिक ऐसे स्थलों का चयन करें, जहां वे आगामी पांच वर्षों तक पौधों की देखभाल सुनिश्चित कर सकें। राव ने कहा कि हरित क्षेत्र किसी भी क्षेत्र के वायु गुणवत्ता सूचकांक को बेहतर करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकतम हरित क्षेत्र का सृजन अत्यंत आवश्यक है। हवा, पानी और भोजन ये तीनों मानव जीवन के आधार स्तंभ हैं।
विज्ञापन