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मोदी के भाषण से प्रेरित, बनाए 10 शौचालय

Wed, 27 Aug 2014 10:57 AM IST
Updated Wed, 27 Aug 2014 10:57 AM IST
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Gurgaon's foundation makes 10 toilet on PMs speech inspiration.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से प्रेरित होकर शहर की निर्मला चाइल्ड एंड वेलफेयर फाउंडेशन ने मेवात में सामूहिक शौचालय बनाने का बीड़ा उठाया है। फाउंडेशन ने पुन्हाना के रायपुर गांव में 10 सेप्टिक शौचालय बनाकर इस अभियान की शुरुआत की है। हालांकि उनका दावा है कि एक महीने में मेवात के करीब 443 गांवों में 4300 शौचालय बनाया जाएगा।

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दरअसल, स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्कूलों में शौचालय नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इस पर सांसदों और सामाजिक संस्थाओं से भी आह्वान किया था। तालीम और विकास के नजरिए से पिछड़े मेवात के स्कूलों और घरों में शौचालय की स्थिति बदतर है।
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फाउंडेशन का दावा है कि मेवात के 80 गांवों के सरपंच से मिलकर जब गांव में शौचालय की स्थिति के बारे में तहकीकात किया तो वहां घरों में भी शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली। हर गांव में करीब 300 घर है, लेकिन शौचालय की स्थिति 10 फीसदी से भी कम है। वहीं, राजकीय स्कूलों में भी शौचालय नहीं होने का दावा किया गया है।

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शौचालय के दरवाजे पर लटक रहे थे ताले

Gurgaon's foundation makes 10 toilet on PMs speech inspiration.

फाउंडेशन की अध्यक्षा रश्मि शर्मा ने बताया कि कई स्कूलों के भ्रमण के दौरान शौचालय के दरवाजे पर ताले बंद थे। नतीजतन, छात्राएं बाहर शौच को जाती है।

यहीं सब देखते हुए प्रधानमंत्री के भाषण से प्रेरणा लेकर 15 अगस्त से ही गांव रायपुर में यह काम शुरू किया। दस दिन में दस शौचालय स्कूल कैंपस में तैयार कर जनता को सुपुर्द कर दिया है। आधुनिक सेप्टिक तैयार करने के लिए बकायदा आर्किटेक्चर की मदद ली गई है। 2 हजार लीटर की दो-दो टंकी रखी गई है।

फाउंडेशन के एडवाइजर पंकज गेरा बताते है कि इसके लिए बजट तैयार किया जा रहा है। लायन्स क्लब और रोटरी क्लब के सहयोग से पूरे जिले में शौचालय बनाने का काम एक महीने में किया जाएगा। इसके लिए रविवार को सभी गांवों के सरपंच के साथ बैठक किया जा रहा है। अधिकतर शौचालय राजकीय स्कूल के परिसर या आस-पास होगी।

बता दें कि शौचालाय बनाने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए इस साल से निर्मल भारत अभियान और मनरेगा दोनों को मिलाकर दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाने लगी है। मगर, यह काफी नहीं है।

गुड़गांव भी है शौचालयहीन

Gurgaon's foundation makes 10 toilet on PMs speech inspiration.

निर्मल भारत अभियान के तहत 2012 में गुड़गांव के ग्रामीण इलाके में सर्व कराया गया था। जिसमें पाया गया था कि पूरे जिले के 13 हजार 246 घरों में शौचालय की सुविधा नहीं है। इसमें गरीबी रेखा के नीचे और इससे ऊपर रहने वाले परिवार है।

जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 2012-13 में कुल संख्या का 35 फीसदी घरों में शौचालय बन गए। 2013-14 में 45 फीसदी और घरों में शौचालय बन गए है। यानी बीते दो सालों में 2012 के सर्वे के आधार पर 80 फीसदी घरों में शौचालय बन गए हैं।

जबकि 2014-15 तक इसे सौ फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि 2011 के जनगणना के मुताबिक, गुड़गांव के कुल आबादी के करीब 15 फीसदी घरों में शौचालय की सुविधा नहीं थी।

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