फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   gurgaon rape victim left home for treatment of husband suffering from cancer

कैंसरग्रस्त पति व बच्चों को पालने के लिए इन दोनों ने छोड़ा था घर

Thu, 10 Sep 2015 01:25 PM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 01:25 PM IST
विज्ञापन
gurgaon rape victim left home for treatment of husband suffering from cancer

नौकरी की आस में नेपाल से भारत फिर सऊदी अरब और फिर भारत लाई गईं नेपाली युवतियों ने सऊदी राजनयिकों के चंगुल से छूटकर अपनी जो आप बीती सुनाई है उससे किसी का भी दिल दर्द से भर उठ सकता है।

विज्ञापन


सऊदी राजनयिकों के कब्जे से आजाद हुई दो नेपाली महिलाओं में से एक तीस साल की है और नेपाल में उसके दो बच्चे हैं और पति कैंसर से पीड़ित है। वहीं दूसरी महिला करीब 50 साल की है और वो तलाकशुदा है। इनकी पारिवारिक स्थिति ही उन्हें नेपाल से बाहर लाई।
विज्ञापन


पिछले चार महीनों में इन दोनों महिलाओं ने जो झेला है उसके बाद इन्होंने तय कर लिया है कि कभी अपने देश से बाहर कदम नहीं रखेंगी और इन्होंने दूसरे नेपालियों से भी आग्रह किया है कि काम की तलाश में कभी अपने देश से बाहर न निकलें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सऊदी पहुंचकर बहुत खुश हई थीं पीड़िताएं

gurgaon rape victim left home for treatment of husband suffering from cancer

गौरतलब है कि जब तक नेपाली दूतावास दोनों पीड़िताओं को अस्थाई पासपोर्ट उपलब्ध नहीं करा देता ये भारत में ही रहेंगी क्योंकि इनका स्थाई पासपोर्ट अब भी सऊदी राजनयिकों के पास ही है और वो प्राप्त नहीं हो सका है।

सऊदी राजनयिकों की कैद से छूटने के बाद पीड़िताओं ने बताया कि, जब उन्हें पता चला था कि वो सऊदी में नौकरी करने वाली हैं तो वो काफी खुश हुई थीं। उन्होंने परिवार से वादा किया था कि वो हर महीने उन्हें पैसे भेजेंगी, जिससे वो अपना नया घर बना सकें और दुकान भी खोल सकें।

दोनों ही सऊदी पहुंचकर काफी खुश थीं और अपने आपको बहुत भाग्यशाली समझती थीं। उन्होंने अपने मालिक से सैलरी एडवांस में मांगी थी तब उन्हें बताया गया था कि तीन महीने पूरे होने के बाद ही उन्हें सैलरी मिलेगी।

गुड़गांव में ऐसे जहन्नुम बन गई जिंदगी

gurgaon rape victim left home for treatment of husband suffering from cancer

पीड़िताओं ने बताया कि वो काफी दुखी थीं जब उन्हें साऊदी से ‌भारत वापस लाया जा रहा था। क्योंकि उन्हें लग रहा था कि भारत में उनकी सैलरी काफी कम हो जाएगी, लेकिन उन्हें भरोसा दिलाया गया कि भारत में भी उन्हें साऊदी जैसी सैलरी मिलेगी।

जब वो भारत पहुंची तो उन्हें गुड़गांव के कैट्रीओना अपार्टमेंट, एंबिएंस आइलैंड, गुड़गांव ले जाया गया। वहां उन्हें घर की सफाई, खाना बनाने, कपड़ा धोने और डस्टिंग का काम सौंपा गया। दोनों ही सुबह जल्दी उठ जाती थीं और रात में करीब 1 बजे के बाद ही सो पाती थीं।

बुखार होने पर भी उनसे काम करवाया जाता था और जरा भी दया नहीं दिखाई जाती थी। अक्सर खाना न दिए जाने के कारण उन्‍हें पानी पीकर ही सोना पड़ता था। पीड़िताओं के अनुसार फ्लैट पर जो मेहमान आते थे वो भी सऊदी राजनयिक जैसी ही भाषा बोलते थे। पीड़िताओं को उनकी भाषा समझ नहीं आती थी और न ही आरोपियों को पीड़िताओं की।

पीड़िताओं को घरवालों के साथ ही मेहमानों के भी मसाज करने को कहा जाता था और बाद में वो उनका रेप करते थे। राजनयिक की पत्नी मेहमानों से मिलने वाले टिप्स लेकर पीड़िताओं को बताती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed