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बारिश में भी डटे रहे नाराज अतिथि शिक्षक, मनीष सिसोदिया के घर के बाहर किया प्रदर्शन
Sun, 03 Mar 2019 01:01 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 01:01 AM IST
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अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन
- फोटो : जी पॉल
सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने शनिवार को एक बार फिर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर प्रदर्शन किया। स्थायी किए जाने की दिश में कोई कदम नहीं उठाने पर नाराजगी जताई। वे बारिश में भीगते हुए शाम छह बजे तक उपमुख्यमंत्री के आवास पर डटे रहे।
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि अतिथि शिक्षक का बिल या 58 साल की पॉलिसी(हरियाणा के अतिथि शिक्षक की तरह) पास होने तक धरना चलता रहेगा। सरकार ने बिल तो पास कर दिया, लेकिन क्या बिल को एलजी से पास करवाने की उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
शिक्षकों ने कहा कि सरकार अतिथि शिक्षकों के बहाने राजनीति कर रही है। उल्लेखनीय है कि अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल 28 फरवरी को खत्म हो गया। इस कारण से 25 हजार शिक्षक बेरोजगार हो गए हैं।
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''मैं अतिथि शिक्षकों की मांग का समर्थन करता हूं। दिल्ली विधानसभा ने शिक्षकों को स्थायी किए जाने का बिल पास किया है। एलजी से अनुरोध है कि वह बिल को मंजूरी दें। दिल्ली सरकार के स्कूलों को चलाने के लिए शिक्षकों की जरूरत है। एलजी छात्रों, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करें।''
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का ट्वीट
''दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना इसलिए जरूरी है। सब इस बार पूर्ण राज्य के लिए वोट दें। सबको पक्का करेंगे, स्थायी करेंगे, दिल्ली को प्रतिदिन भाजपा के हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी।''
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ट्वीट
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ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि अतिथि शिक्षक का बिल या 58 साल की पॉलिसी(हरियाणा के अतिथि शिक्षक की तरह) पास होने तक धरना चलता रहेगा। सरकार ने बिल तो पास कर दिया, लेकिन क्या बिल को एलजी से पास करवाने की उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
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शिक्षकों ने कहा कि सरकार अतिथि शिक्षकों के बहाने राजनीति कर रही है। उल्लेखनीय है कि अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल 28 फरवरी को खत्म हो गया। इस कारण से 25 हजार शिक्षक बेरोजगार हो गए हैं।
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''मैं अतिथि शिक्षकों की मांग का समर्थन करता हूं। दिल्ली विधानसभा ने शिक्षकों को स्थायी किए जाने का बिल पास किया है। एलजी से अनुरोध है कि वह बिल को मंजूरी दें। दिल्ली सरकार के स्कूलों को चलाने के लिए शिक्षकों की जरूरत है। एलजी छात्रों, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करें।''
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का ट्वीट
''दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना इसलिए जरूरी है। सब इस बार पूर्ण राज्य के लिए वोट दें। सबको पक्का करेंगे, स्थायी करेंगे, दिल्ली को प्रतिदिन भाजपा के हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी।''
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ट्वीट