फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Guest teacher protest continue on forth day in Delhi

दिल्ली सरकार के खिलाफ अतिथि शिक्षकों का फूटा गुस्सा, वादाखिलाफी का लगाया आरोप

Wed, 06 Mar 2019 12:00 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Wed, 06 Mar 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
Guest teacher protest continue on forth day in Delhi
अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल खत्म होने के बाद बेरोजगार हुए शिक्षकों का उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ गुस्सा फूटा। बीते चार दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों में चार शिक्षकों ने विरोध स्वरूप शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर अपना सिर मुंडवाया। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक इस प्रदर्शन में शामिल हुए। शिक्षकों ने साफ कर दिया कि जब तक उन्हें राहत नहीं मिलती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। 
विज्ञापन


अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो गया है। तब से राहत की मांग करते हुए अतिथि अध्यापक उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन


शिक्षकों का कहना है कि शनिवार को शिक्षा मंत्री ने लिखित में मांगों का प्रस्ताव मांगा था। मंगलवार को कैबिनेट में 58 साल की पॉलिसी एवं अन्य मांगों को पास करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में शिक्षकों को उम्मीद थी कि मंगलवार उनके लिए राहत भरा होगा। लेकिन देर शाम तक उनके लिए कोई भी राहत भरी खबर नहीं आई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के साथ वादाखिलाफी की है। सरकार की ओर से कोई बातचीत नहीं की जा रही है। बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक सड़क पर हैं। जब तक शिक्षकों के लिए पॉलिसी पास नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

एक शिक्षक के भरोसे खेल के मैदान में हो रही परीक्षा
सरकारी स्कूलों में इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं। लगभग 25 हजार अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल खत्म हो गया है। ऐसे में कई स्कूलों में काफी बच्चों को एक साथ खेल के मैदान में एक स्थायी शिक्षक के भरोसे परीक्षा आयोजित हो रही है। ऐसा शिक्षकों की कमी के चलते हो रहा है। सरकारी स्कूलों में लगभग 16 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इस तरह से शिक्षकों की कमी के कारण परीक्षाओं पर भी असर पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 
 

सिसोदिया ने अतिथि शिक्षकों के मामले में उपराज्यपाल को लिखा पत्र

अतिथि शिक्षकों के  मामलेको लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखा है। पत्र में कहा कि दिल्ली में 22 हजार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं एक मार्च को खत्म हो गई हैं। छात्रों की वार्षिक परीक्षा होने वाली है। बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां भी यही शिक्षक देखते हैं। आपसे इन शिक्षकों को स्थायी करने के साथ ही निर्बाध सेवा के लिए पिछले दो साल से चर्चा करने का समय मांग रहा हूं। संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य और शिक्षकों की आजीविका को ध्यान में रखकर अतिथि शिक्षकों का मसला हल करें।

सिसोदिया ने पत्र में यह भी लिखा कि मुझे पीड़ा है कि आपकी निष्क्रियता के चलते हजारों अतिथि शिक्षक सड़क पर हैं, जिससे दिल्ली की शिक्षा प्रणाली प्रभावित हो रही है। संवैधानिक व्यवस्था की गलत व्याख्या कर केंद्र सरकार ने इस मामले को आपका अधिकार क्षेत्र बता दिया है। जबकि शिक्षा मंत्री के रूप में शिक्षक ही नहीं, छात्र भी हमारी तरफ नजर रखते हैं। लेकिन मेरे प्रस्ताव पर आपने विचार तक नहीं किया। 

सिसोदिया ने अपील की है कि अतिथि शिक्षक के लिए आपके पास कोई योजना है तो समाधान ढूंढें। एक अप्रैल 2019 से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि आप अतिथि शिक्षकों के लिए ठोस नीति बनाएंगे। बुधवार को दिल्ली कैबिनेट की बैठक होनी है। बैठक में दिल्ली सरकार अतिथि शिक्षकों के संबंध में अपनी नीति से अवगत कराएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed