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जीएसटी: जरूरी घरेलू इलेक्ट्रिक वस्तुओं पर 28 फीसदी टैक्स गलत

Mon, 26 Jun 2017 07:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 26 Jun 2017 07:21 PM IST
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gst 28 percent tax on home made products is not right

30 जून की आधी रात से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू हो जाएगा। नोएडा में काफी संख्या में इलेक्ट्रिक वस्तुएं और उपकरण बनाने वाली इकाइयां हैं। इनमें से ज्यादातर उद्यमियों में आम जनता के लिए जरूरी पंखा आदि घरेलू इलेक्ट्रिॉनिक वस्तुओं पर 28 फीसदी टैक्स लगाने से नाराजगी है। अलग-अलग वस्तुओं पर इस्तेमाल होने वाले समान समान पर अलग-अलग करों को लेकर भी असहमति व असमंजस है।

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पंखे बनाने वाली इकाई के उद्यमी योगेश आनंद ने कहा कि पंखे और एसी पर एक समान 28 फीसदी टैक्स लगेगा। सरकार को दोनों पर एक समान टैक्स लागू करने से पहले सोचना चाहिए था कि पंखा आर्थिक तौर पर कमजोर व्यक्ति घर में पाई पाई जोड़कर लगवाता है।
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पंखे पर 28 फीसदी टैक्स लगने से पंखे की कीमत बढ़ेगी। कच्चे माल पर 18 फीसदी टैक्स है। ऐसे में जो लोग बिना बिल का माल बेचते हैं, वे 20 फीसदी टैक्स पर भी पंखा बेचेंगे। इससे कालाबाजारी बढ़ेगी। घरेलू जरूरत की इलेक्ट्रिक चीजों पर 18 फीसदी टैक्स होना चाहिए न कि 28 फीसदी।
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उद्यमी लाल बहादुर सिंह ने कहा कि बिना तैयारी के सरकार जीएसटी लागू कर रही है। पंजीकरण में दिक्कत आ रही है। वहीं, आम जनता के लिए पंखा, मिक्सी, प्रेस जैसी घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं पर 28 फीसदी टैक्स लागू किया है।

वस्तुओं को बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे पेंच आदि के लिए कर श्रेणी को निर्धारित नहीं किया गया है। इन पर वह टैक्स लागू होगा, जिस वस्तु में इस्तेमाल होगा।  ऐसे में रिटर्न में एक ही सामान के दो अलग अलग श्रेणी में टैक्स लिया जाएगा। तमाम व्यापारियों और उद्यमियों में इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।

जीएसटी में अभी बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जिनमें कर की श्रेणी स्पष्ट नहीं है। अभी इसे समझने में समय लगेगा। सरकार की ओर से व्यापारियों और उद्यमियों को दो माह तक रिटर्न भरने में राहत दी गई है। कोई भी नई चीज आती है तो उसे समझने में एक से दो माह लगते हैं। जीएसटी में भी ऐसा ही है। दो माह में जीएसटी को लेकर सभी असमंजस दूर हो जाएंगे।-  विपिन मल्हन, अध्यक्ष, एनईए


एसएमई  के उद्यमियों के लिए जीएसटी पर चर्चा
नोएडा। सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में फाउंडेशन पॉवर टू एसएमई की ओर से छोटे और मध्यम आकार के उद्यम (एसएमई) के उद्यमियों के लिए जीएसटी पर चर्चा आयोजित की गई। इसमें  60 से अधिक एसएमई शामिल हुए। कच्चे माल की खरीद और अन्य पहलुओं के साथ  उत्पादन दक्षता और बाजार की प्रतिष्ठा को बढ़ाने की जानकारी दी गई। उपाध्यक्ष मार्केटिंग और संचार सुधा सरीन ने कहा कि नोएडा भारत में सबसे बड़ा औद्योगिक टाउनशिप है। एसएमई वर्तमान में भारत की सकल घरेलू उत्पाद में 8 फीसदी योगदान देते हैं और 2020 तक इस हिस्से को बढ़ाकर 15 फीसदी कर सकते हैं। देश भर में एसएमई के समूहों के लिए एक अनुकूल कारोबारी माहौल है। जीएसटी इसमें और मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने जीएसटी से जुड़े प्रश्नों का भी जवाब दिया।

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