बारातियों को बनाया तीन दिन तक बंधक, चौथे दिन दूल्हे ने कहा 'सॉरी' तो दुल्हन हुई विदा
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नगर के मोहल्ला नई आबादी में दूल्हे और बारातियों को तीन दिन से बंधक बनाए रखने के बाद बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के लोगों ने पंचायत की। पंचायत में दूल्हा पक्ष के लोगों ने अपनी गलती मान ली। दहेज में मांगे गए 60 हजार रुपये लिए बिना दुल्हन को ले जाने का फैसला हुआ। पंचायत के लोगों की जिम्मेदारी पर दुल्हन को भेजा गया।
नगर के मोहल्ला नई आबादी में नूंह (मेवात) के ढहाना से दूल्हा वसीम सोमवार को बारात लेकर आया था। निकाह होने के बाद दहेज में 60 हजार की मांग करने पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था, जिस पर लड़के के पक्ष वाले खाना खाने के बाद बारात लेकर चले गए, लेकिन लड़की पक्ष ने दूल्हे समेत चार लोगों को पकड़ लिया।
दुल्हन के पिता मुश्किल से माने
बारात को वापस बुलाकर समझौता होने के बाद ही छोड़ने को कहा। तीन दिन से दूल्हा और तीन बारातियों के बंधक बने होने के बाद बृहस्पतिवार को नूंह के ढहाना गांव से सरपंच असलम खान, सरपंच रसीद और आलम समेत कई लोग दूल्हे के पिता वहीद के साथ आए।
नई आबादी में नगर के प्रमुख लोगों के बीच पंचायत हुई। पंचायत में पंचों ने दोनों पक्षों की बात सुनी। करीब तीन घंटे चली पंचायत में लड़की के पिता ने बेटी को भेजने से इनकार कर दिया, लेकिन जब ढहाना गांव से आए लोगों ने अपनी गलती मानकर पूरी तरह से जिम्मेदारी ली, उसके बाद लड़की को दुल्हन के रूप में दूल्हे के साथ भेजने का फैसला लिया गया। पंचायत के फैसले के बाद दहेज में मांगे गए 60 हजार रुपये लिए बिना वर पक्ष के लोग दुल्हन को ले गए।