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Greater Noida : चीन के खिलौनों का खेल खत्म करेगा यमुना सिटी का टॉय पार्क, 50 देशों के लिए होगा निर्यात
Sun, 02 Feb 2025 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शशांक मिश्र, ग्रेटर नोएडा
शशांक मिश्र, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 02 Feb 2025 06:13 AM IST
सार
अब यह उद्योग चीन के खिलौनों का खेल खत्म करने की लड़ाई पूरे आत्मविश्वास से लगेगा। इसमें यमुना सिटी में विकसित हो रहा टॉय पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि इसे नई चुनौतियों और वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
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बजट में खिलौना बाजार के लिए एलान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खिलौना उद्योग के लिए विशेष घोषणा करके इस सेक्टर का मनोबल बढ़ाया है। अब यह उद्योग चीन के खिलौनों का खेल खत्म करने की लड़ाई पूरे आत्मविश्वास से लगेगा। इसमें यमुना सिटी में विकसित हो रहा टॉय पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि इसे नई चुनौतियों और वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। यमुना सिटी में 100 एकड़ में 134 नए खिलौना उद्योग एक से दो वर्ष में शुरू हो जाएंगे। कुछ ही दूर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी जल्द शुरू होने वाला है। ग्रेटर नोएडा की छोटी-बड़ी 43 इकाइयां खिलौनों को तैयार कर देश और विदेश तक भेज रही हैं।
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यमुना प्राधिकरण (यीडा) यमुना सिटी में 100 एकड़ में टॉय पार्क विकसित कर रहा है, ताकि देश में खिलौनों का उत्पादन बढ़ाया जा सके। यहां कई यूनिट का निर्माण चल रहा है। जल्द ही खिलौनों का उत्पादन भी शुरू हो सकता है। इस टॉय पार्क से करीब 50 देशों में खिलौनों का निर्यात किया जाएगा। यीडा का टॉय क्लस्टर देश का सबसे बड़ा टॉय क्लस्टर है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें 100 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। अब इस बार के आम बजट में इसकी घोषणा से उद्योग को संजीवनी मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय खिलौना उद्योग को ध्यान में रखते हुए यमुना सिटी में कॉमन डिस्प्ले हॉल भी बनेगा। जहां सभी फैक्ट्रियां अपने खिलौनों को अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए शो केस कर सकेंगी।
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बजट में खिलौना उद्योग के लिए एलान
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि खिलौना उद्योग के लिए राष्ट्रीय कार्य-योजना बनाई जाएगी। क्लस्टर, कौशल और निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का भी एलान किया। योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले खिलौने बनाए जाएंगे, जो मेड इन इंडिया ब्रांड का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसे में यमुना सिटी में विश्वस्तरीय खिलौने बनाने और विदेश तक भेजने का सपना जल्द साकार हो सकता है।
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80 फीसदी खिलौने चीन से आते हैं
देश में बिक रहे 80 फीसदी खिलौने चीन में बने होते हैं। केंद्र सरकार ने घरेलू खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयात शुल्क को 20 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी किया था। इस कदम से चीन के खिलौनों की कीमत बढ़ गई। लिहाजा भारतीय खिलौनों की मांग बढ़ने लगी है।
इस पर देना होगा ध्यान
कुछ साल पहले खिलौनों के कपड़ों पर कस्टम ड्यूटी 10 % से बढ़ाकर 20 % कर दी गई थी। वहीं कटिंग लेजर मशीन पर एंटी डंपिंग ड्यूटी बढ़ने से कीमत दोगुना तक पहुंच गई है। इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। देश में खिलौनों के 70% कपड़े विदेश से आते हैं।
क्लस्टर की घोषणा के बाद खिलौना उद्योग से जुड़े उद्यमी अपनी इकाई विकसित करने में और गति देंगे। टॉय सिटी को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज पांच किमी दूर बनाया जा रहा है, ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय खिलौना बाजार से जोड़ा जा सके।
-डॉ. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना प्राधिकरण
हम खिलौने में इस्तेमाल होने वाले कपड़े की कीमत पर नियंत्रण चाहते हैं, ताकि चीन के खिलौना उद्योग को पछाड़ सकें।
-तरुण चेतवानी, महासचिव, द टॉयज एसोसिएशन ऑफ इंडिया
जिम्स में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 150 की जा सकती हैं
बजट में 10 हजार मेडिकल सीटें बढ़ाने के एलान के बाद उम्मीद की जा रही है कि कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 150 की जा सकती हैं। जिम्स में एमबीबीएस की 100 सीटें हैं। अस्पताल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट के एलान के अनुसार जिम्स में भी अगले वर्ष से एमबीबीएस की 100 सीटों के स्थान पर 150 सीटें संचालित होने की संभावनाएं बनी हैं।
एयरपोर्ट से उड़ान की उम्मीद मजबूत
बजट में संशोधित उड़ान योजना की घोषणा से नोएडा एयरपोर्ट से विमानों के उड़ान की उम्मीद मजबूत हुई है। इसमें 120 नए रूट की घोषणा की गई है। वहीं यूपी सरकार के वैट में रियायत से नोएडा एयरपोर्ट का किराया दिल्ली और देश के अन्य हवाई अड्डों की तुलना में कम रहने की उम्मीद है। ऐसे में बजट की घोषणाओं का नोएडा एयरपोर्ट की नई उड़ान पर सीधा असर होगा। अप्रैल में नोएडा एयरपोर्ट से व्यावसायिक संचालन शुरू होने की उम्मीद है।