Air Pollution: ग्रेटर नोएडा रहा देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर, 214 रहा AQI; अफसरों ने बनाया छुट्टी का बहाना
नोएडा के एक्यूआई में इजाफा हुआ है, लेकिन अब भी एक्यूआई येलो जोन में बना हुआ है। उधर ग्रैप लागू होने के बाद भी संबंधित विभागों ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू नहीं की है।
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वायु प्रदूषण में ग्रेटर नोएडा सोमवार को देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 रहा, जबकि नोएडा के एक्यूआई में इजाफा हुआ है, लेकिन अब भी एक्यूआई येलो जोन में बना हुआ है। उधर ग्रैप लागू होने के बाद भी संबंधित विभागों ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू नहीं की है, साथ ही इंतजाम भी नहीं किए जा रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण ऑरेंज जोन में चल रहा है। पिछले तीन दिन से ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा है, लेकिन सोमवार को वायु प्रदूषण में सुधार हुआ और एक्यूआई 263 से घटकर 214 पहुंच गया है, लेकिन फिर भी ग्रेनो देश के प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी 221 शहरों की सूची में केवल तीन शहर ही ऑरेंज जोन में हैं। बाकी सभी शहर येलो और ग्रीन जोन में हैं। ग्रेनो के अलावा धारूहेड़ा (236 एक्यूआई) पहले और झुंझुनू (220 एक्यूआई) देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है।
उधर नोएडा का वायु प्रदूषण बढ़ा है। एक्यूआई 150 से 179 पहुंच गया है। एनसीआर में ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित शहर रहा है, जबकि गुरुग्राम दूसरे और नोएडा तीसरे स्थान पर रहा। उधर, ग्रेनो में वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं किए जा रहे है। ग्रैप लागू होने के बाद भी अफसर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने की कार्रवाई नहीं कर रहे है। सोमवार को भी छिड़काव नहीं किया गया। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि दो दिन की छुट्टी के कारण कार्यालय बंद हैं। मंगलवार से वायु प्रदूषण के नियंत्रण को लेकर कार्रवाई की जाएंगी।