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चोरी के दो करोड़ के मोबाइल बरामद, आरोपियों ने ट्रक से उड़ा लिए थे 1470 फोन, तीन गिरफ्तार
Tue, 14 May 2019 10:11 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 May 2019 10:11 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा की कासना कोतवाली पुलिस ने ओप्पो कंपनी से सूरजपुर वेयरहाउस ले जाने के दौरान 1470 मोबाइल चोरी होने की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर 1240 मोबाइल और 44,400 रुपये बरामद कर लिए हैं।
बरामद मोबाइल की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। चालक सहित दो आरोपी अब भी फरार हैं। एसपी देहात विनीत जायसवाल और सीओ श्वेताभ पांडे ने बताया कि आरोपियों के सभी दस्तावेज फर्जी थे।
कंपनी से मिले फोटो की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। ग्रेटर नोएडा स्थित ओप्पो कंपनी से 1 मई को एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चालक बसंत 10 हजार से अधिक मोबाइल लेकर सूरजपुर वेयरहाउस के लिए निकला था।
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ट्रक में जीपीएस लगा था और उसकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। इसकी जानकारी आरोपियों को थी। इसी वजह से आरोपियों ने लिग्रांड होटल के पास ट्रक रोककर 1470 मोबाइल के 147 डिब्बे लेकर फरार हो गए और ट्रक को वहीं छोड़ दिया। जांच में पता चला कि बसंत का असली नाम राघवेंद्र है।
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बरामद मोबाइल की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। चालक सहित दो आरोपी अब भी फरार हैं। एसपी देहात विनीत जायसवाल और सीओ श्वेताभ पांडे ने बताया कि आरोपियों के सभी दस्तावेज फर्जी थे।
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कंपनी से मिले फोटो की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। ग्रेटर नोएडा स्थित ओप्पो कंपनी से 1 मई को एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चालक बसंत 10 हजार से अधिक मोबाइल लेकर सूरजपुर वेयरहाउस के लिए निकला था।
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ट्रक में जीपीएस लगा था और उसकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। इसकी जानकारी आरोपियों को थी। इसी वजह से आरोपियों ने लिग्रांड होटल के पास ट्रक रोककर 1470 मोबाइल के 147 डिब्बे लेकर फरार हो गए और ट्रक को वहीं छोड़ दिया। जांच में पता चला कि बसंत का असली नाम राघवेंद्र है।
ट्रक चालक के नाम-पते सब फर्जी निकले
राघवेंद्र ने ट्रांसपोर्ट कंपनी में फर्जी नाम-पते का दस्तावेज दिया था। उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी था, इससे पुलिस उलझ गई। पुलिस ने कंपनी के सीसीटीवी से आरोपियों के फोटो लिए। इसके बाद मोबाइल सिम के लिए दिए गए फोटो निकलवाए।
जांच के बाद पुलिस ने गांव घोड़ी बछेड़ा के देवेंद्र, लिसाड़ी गेट मेरठ के फिरोज खान, देहली गेट मेरठ के अलीमुद्दीन को गिरफ्तार किया है। कानपुर के राघवेंद्र और मेरठ के शरद गोस्वामी फरार हैं। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी है।
जांच के बाद पुलिस ने गांव घोड़ी बछेड़ा के देवेंद्र, लिसाड़ी गेट मेरठ के फिरोज खान, देहली गेट मेरठ के अलीमुद्दीन को गिरफ्तार किया है। कानपुर के राघवेंद्र और मेरठ के शरद गोस्वामी फरार हैं। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी है।