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Greater Noida: बकायेदार 32 बिल्डरों को प्राधिकरण ने दिया अल्टीमेटम, 20 हजार बॉयर्स को अधर में लटकाने का मामला
Mon, 26 Aug 2024 07:37 AM IST
श्याम जी.
शशांक मिश्र, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
शशांक मिश्र, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 26 Aug 2024 07:37 AM IST
सार
अमिताभकांत समिति की सिफारिशों का लाभ नहीं लेकर 20 हजार बॉयर्स को अधर में लटकाने वाले 32 बिल्डरों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अल्टीमेटम दे दिया है। इसी सप्ताह सभी बकायेदारों को दो टूक वार्ता के लिए नोटिस भी जारी किया जाएगा।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमिताभकांत समिति की सिफारिशों का लाभ नहीं लेकर 20 हजार बॉयर्स को अधर में लटकाने वाले 32 बिल्डरों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अल्टीमेटम दे दिया है। इसी सप्ताह सभी बकायेदारों को दो टूक वार्ता के लिए नोटिस भी जारी किया जाएगा। इसके साथ ही देश की प्रतिष्ठित लॉ फर्मों से विधिक राय लेकर प्राधिकरण बिल्डरों के खिलाफ न्यायालय में अपील भी करेगा। इसमें जिन बिल्डरों ने कार्रवाई पर स्थगन आदेश लिया है, उनके खिलाफ मजबूत पैरवी कर उनकी व्यावसायिक संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों से बकाया नहीं देने वाले बिल्डरों पर सख्ती बरतने को कहा था। सीएम योगी की ताकीद के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बकाएदार 32 बिल्डरों की व्यावसायिक संपत्ति का विवरण अपडेट करने के साथ ही देश की प्रतिष्ठित लॉ फर्मों से संपर्क साधना शुरू किया है।
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दरअसल, इनमें ज्यादातर बिल्डरों ने न्यायालय के जरिए कार्रवाई पर स्थगन आदेश लिया है और प्राधिकरण की लचर पैरवी के चलते यह मामला अटका है। ऐसे में अब कुल बकाया राशि का 25 फीसदी नहीं जमा कर 20 हजार आवंटियों को अधर में लटकाने वाले इन बिल्डरों की रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में 96 बिल्डर परियोजनाएं हैं। इसमें 32 बिल्डरों ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का लाभ नहीं लिया है और इसके चलते 20 हजार बायर्स अधर में हैं।
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बिल्डरों के रुख के बाद प्राधिकरण तय करेगा रणनीति
बिल्डरों का रुख जानने के बाद प्राधिकरण वसूली पर अपनी रणनीति तय करेगा। दरसअसल, बॉयर के हितों का ख्याल रखते हुए राज्य सरकार ने ग्रेनो प्राधिकरण को आदेश दिया है कि रुकी हुई बिल्डर परियोजनाओं में रजिस्ट्री में हुई देरी पर खरीदारों से नहीं वसूले। सरकार ने रजिस्ट्री में देरी पर लगने वाले जुर्माने की वसूली पर दी छह माह की छूट दी है। इससे ग्रेनो प्राधिकरण की बिल्डर परियोजनाओं में 40 हजार खरीदारों को 100 करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद है।
राजकोषीय इन नुकसान की भरपाई के लिए भी बिल्डरों से बकाए को जरूरी माना जा रहा है। ग्रेनो प्राधिकरण के क्षेत्र में वैसे तो 96 बिल्डर परियोजनाएं हैं। अभी तक ग्रेनो प्राधिकरण में 17 हजार खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता खुल चुका है और 2300 से अधिक को मालिकाना हक प्राधिकरण दिला चुका है। बाकी बिल्डरों ने अभी पैसा जमा नहीं किया है, जिससे खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई हैं।