बंपर भर्ती, लेकिन Whatsapp आना चाहिए
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सिविल डिफेंस में भर्ती के लिए अब नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब सिविल डिफेंस में वार्डन के पदों पर उन्हीं को नियुक्त मिलेगी जिन्हें ईमेल व्हाट्स एप और इंटरनेट आदि का इस्तेमाल करना आता होगा।
वर्तमान में सिविल डिफेंस में ज्यादातर वार्डन हाईटेक तकनीक से अनजान हैं। इसलिए नई व्यवस्था के तहत अब सिविल डिफेंस के संयुक्त निदेशक अमिताभ ठाकुर ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर निर्देश दिया है कि वार्डन के पदों पर सीधी भर्ती न की जाए।
वार्डन की कार्यकुशलता के आधार पर ही उन्हें नियुक्त और पदोन्नत किया जाए। सिर्फ उन्हीं लोगों को सेक्टर वार्डन रखा जाएगा जिनके पास इंटरनेट, व्हाट्सएप आदि नई तकनीकों की सुविधा और वह इसका इस्तेमाल करना जानते हों। इसके अलावा जो वार्डन वर्तमान में सेवा कर रहे उन्हें भी इन सुविधाओं से लैस किया जाए।
वाट्सएप न चला पाने वाले छांट दिए जाएंगे
ऐसा न करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। सेक्टर वार्डन, पोस्ट वार्डन, डिवीजनल वार्डन के पदों पर पदोन्नति के लिए समिति बनाई गई है। अमिताभ ठाकुर ने बताया कि यदि जिलाधिकारी सीधे उच्च पद पर किसी वॉर्डन को रखना चाहते हैं तो निदेशालय से कारणों सहित उसकी संस्तुति ली जाए।
प्रदेश में सत्रह स्थानों पर नागरिक सुरक्षा संगठन के सेंटर कार्यरत हैं। इनमें सेक्टर वार्डन, पोस्ट वार्डन, डिवीजनल वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन और चीफ वार्डन के 113180 पद स्वीकृत हैं। अमिताभ ठाकुर ने बताया कि रिक्त पदों पर जिलाधिकारियों के जरिए भर्ती होनी हैं। इसे ध्यान में रखते हुए निदेशालय ने डीएम को वार्डन की भर्ती पदोन्नति और नवीनीकरण के संबंध में दिशा- निर्देश जारी किए हैं।