{"_id":"6ac7bef99ce02c186107a920","slug":"government-to-keep-a-close-watch-on-pgs-online-portal-to-be-set-up-soon-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-158360-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: पीजी पर सरकार की होगी कड़ी नजर, जल्द बनेगा ऑनलाइन पोर्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: पीजी पर सरकार की होगी कड़ी नजर, जल्द बनेगा ऑनलाइन पोर्टल
विज्ञापन
-शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में छात्र आवास और सुरक्षा को लेकर बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक
-100 पीजी की तीन दिन में जांच, सीसीटीवी और सुरक्षा नियमों पर भी जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) पर अब सरकार की नजर रहेगी। दिल्ली सरकार जल्द एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी, जिसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि छात्र किस पीजी में रह रहे हैं और वहां उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही सुरक्षा और नियमों की जांच के लिए 100 पीजी का अगले तीन दिनों में निरीक्षण किया जाएगा। अब अगली बैठक दशहरा के बाद होगी। इसमें उप-समिति की रिपोर्ट पर चर्चा होगी और पीजी व छात्र आवासों के लिए नए नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में छात्रावास और सुरक्षा को लेकर बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति की दूसरी बैठक हुई। बैठक में डीडीए, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें छात्रों की सुरक्षा मजबूत करने, नियामक व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा तत्काल लागू किए जाने वाले उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में सरल ऑनलाइन डाटा पोर्टल पर भी चर्चा की गई। शुरुआती चरण में पोर्टल को सरल रखा जाएगा, जिसमें कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय और एमसीडी अगले 2 से 4 दिनों में इस पोर्टल का शुरुआती परीक्षण करेंगे। इसके बाद छात्रों के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा।
स्कूल-कॉलेज के आसपास पीजी के नियमों में बदलाव पर विचार पीजी चलाने के नियमों को आसान बनाने की संभावना भी देखी जाएगी। इसके लिए डीडीए, एमसीडी, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रतिनिधित्व वाली एक उप-समिति गठित की गई है। यह समिति मास्टर प्लान और डीएमसी एक्ट में आवश्यक प्रावधानों-संभावित छूट का अध्ययन करेगी। समिति यह भी देखेगी कि बड़े शैक्षणिक केंद्रों के आसपास 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और आरडब्ल्यूए क्षेत्रों में सुरक्षित और कानूनी तरीके से पीजी चलाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। पीजी के प्रवेश और निकास के साथ कॉमन एरिया में सीसीटीवी लगाने की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग 40 से 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का सुझाव दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
-100 पीजी की तीन दिन में जांच, सीसीटीवी और सुरक्षा नियमों पर भी जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) पर अब सरकार की नजर रहेगी। दिल्ली सरकार जल्द एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी, जिसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि छात्र किस पीजी में रह रहे हैं और वहां उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही सुरक्षा और नियमों की जांच के लिए 100 पीजी का अगले तीन दिनों में निरीक्षण किया जाएगा। अब अगली बैठक दशहरा के बाद होगी। इसमें उप-समिति की रिपोर्ट पर चर्चा होगी और पीजी व छात्र आवासों के लिए नए नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में छात्रावास और सुरक्षा को लेकर बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति की दूसरी बैठक हुई। बैठक में डीडीए, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें छात्रों की सुरक्षा मजबूत करने, नियामक व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा तत्काल लागू किए जाने वाले उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में सरल ऑनलाइन डाटा पोर्टल पर भी चर्चा की गई। शुरुआती चरण में पोर्टल को सरल रखा जाएगा, जिसमें कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय और एमसीडी अगले 2 से 4 दिनों में इस पोर्टल का शुरुआती परीक्षण करेंगे। इसके बाद छात्रों के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
स्कूल-कॉलेज के आसपास पीजी के नियमों में बदलाव पर विचार पीजी चलाने के नियमों को आसान बनाने की संभावना भी देखी जाएगी। इसके लिए डीडीए, एमसीडी, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रतिनिधित्व वाली एक उप-समिति गठित की गई है। यह समिति मास्टर प्लान और डीएमसी एक्ट में आवश्यक प्रावधानों-संभावित छूट का अध्ययन करेगी। समिति यह भी देखेगी कि बड़े शैक्षणिक केंद्रों के आसपास 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और आरडब्ल्यूए क्षेत्रों में सुरक्षित और कानूनी तरीके से पीजी चलाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। पीजी के प्रवेश और निकास के साथ कॉमन एरिया में सीसीटीवी लगाने की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग 40 से 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का सुझाव दिया गया।
विज्ञापन