{"_id":"6ac110fb295e3471b0072f62","slug":"government-should-take-an-early-decision-on-50-reservation-for-women-in-dmc-high-court-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-157703-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएमसी में महिलाओं को 50% आरक्षण पर जल्द फैसला ले सरकार: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएमसी में महिलाओं को 50% आरक्षण पर जल्द फैसला ले सरकार: हाईकोर्ट
विज्ञापन
महिला डॉक्टरों के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे पर याचिका का निपटारा
कानून में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने पर कोर्ट ने कहा-सरकार उचित निर्णय ले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग पर दिल्ली सरकार को जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी याचिकाकर्ता की मांग पर विचार कर उचित निर्णय लें।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने डॉ. अंजू गंभीर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में दिल्ली मेडिकल काउंसिल में महिला डॉक्टरों को समान और प्रभावी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल का गठन दिल्ली मेडिकल काउंसिल एक्ट, 1997 के तहत हुआ है। मौजूदा कानून में चुनाव या नामांकन के दौरान महिलाओं के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में अदालत खुद अधिकारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्देश नहीं दे सकती।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी आरक्षण की मांग
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी मांग सरकार के समक्ष रखी है और संबंधित अधिकारी इस मामले पर विचार कर रहे हैं। इसलिए सरकार को इस पर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने को कहा गया। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता ने डीएमसी के साथ दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मेडिकल क्षेत्र में महिला डॉक्टरों की संख्या लगातार बढ़ी है, लेकिन नियामक संस्थाओं में उनका प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानून में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने पर कोर्ट ने कहा-सरकार उचित निर्णय ले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग पर दिल्ली सरकार को जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी याचिकाकर्ता की मांग पर विचार कर उचित निर्णय लें।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने डॉ. अंजू गंभीर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में दिल्ली मेडिकल काउंसिल में महिला डॉक्टरों को समान और प्रभावी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल का गठन दिल्ली मेडिकल काउंसिल एक्ट, 1997 के तहत हुआ है। मौजूदा कानून में चुनाव या नामांकन के दौरान महिलाओं के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में अदालत खुद अधिकारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्देश नहीं दे सकती।
विज्ञापन
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी आरक्षण की मांग
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी मांग सरकार के समक्ष रखी है और संबंधित अधिकारी इस मामले पर विचार कर रहे हैं। इसलिए सरकार को इस पर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने को कहा गया। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता ने डीएमसी के साथ दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मेडिकल क्षेत्र में महिला डॉक्टरों की संख्या लगातार बढ़ी है, लेकिन नियामक संस्थाओं में उनका प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है।
विज्ञापन