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Delhi Auto Taxi Fare : ऑटो-टैक्सी के किराए में वृद्धि का सुझाव, इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट को मिल सकता है अंतिम रूप
Wed, 18 May 2022 12:02 AM IST
प्रशांत कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 18 May 2022 12:02 AM IST
सार
ऑटो, टैक्सी और कैब यूनियनों की तरफ से सीएनजी की कीमत वृद्धि पर सरकार से किराए में संशोधन की मांग की गई थी। सभी पहलुओं को देखते हुए दिल्ली सरकार ने किराया में संशोधन के लिए कमेटी गठित की। पैनल के सदस्यों ने पिछले 15 दिनों तक कैब और ऑटो से यात्राएं कर चालकों से उनकी मांगों और अपेक्षाओं की जानकारी हासिल करने के बाद यह सिफारिश की है। अधिकारियों के मुताबिक इस सप्ताह के अंत तक समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों के किराये में संशोधन के लिए दिल्ली सरकार की गठित कमेटी ने सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के मुताबिक किराए में संशोधन की सिफारिश की है। ऑटो, टैक्सी और कैब यूनियनों की तरफ से सीएनजी की कीमत वृद्धि पर सरकार से किराए में संशोधन की मांग की गई थी। सभी पहलुओं को देखते हुए दिल्ली सरकार ने किराया में संशोधन के लिए कमेटी गठित की। पैनल के सदस्यों ने पिछले 15 दिनों तक कैब और ऑटो से यात्राएं कर चालकों से उनकी मांगों और अपेक्षाओं की जानकारी हासिल करने के बाद यह सिफारिश की है। अधिकारियों के मुताबिक इस सप्ताह के अंत तक समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है।
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सूत्रों के मुताबिक पिछले 15 दिनों से ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों में सफर कर रहे हैं ताकि चालकों की राय जान सकें। संशोधन से पहले उनकी प्रतिक्रिया हासिल करने की दिशा में पहल की गई है, क्योंकि चालक प्रमुख हितधारक हैं। चालकों ने बताया था कि कीमत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से उनकी कमाई बहुत कम हो गई है और आगे काम करना मुश्किल हो गया है।
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रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा इस सप्ताह समाप्त हो रही है और सूत्रों का कहना है कि पैनल जल्द ही अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है। किराया संशोधन समिति की अध्यक्षता विशेष आयुक्त (राज्य परिवहन प्राधिकरण) करते हैं।पैनल के अन्य सदस्यों में उपायुक्त और उप लेखा नियंत्रक, दो नामित जिला परिवहन अधिकारी और एक तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।समिति में नागरिक समाज के सदस्य भी शामिल हैं, इनमें रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), यात्रियों सहित छात्रों को शामिल किया गया है।
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सब्सिडी से मिलेगी राहत, यात्रियों पर नहीं बढ़ेगा बोझ
सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परेशान ऑटो चालक, अब मीटर के बजाय रवाना होने से पहले ही किराया तय कर लेते हैं। अगर, यात्री राजी हुए तो ही आगे बढ़ते हैं, वर्ना नहीं। एक ऑटो ने बताया कि सीएनजी की कीमत में पिछले एक साल में 30 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में अगर मीटर से चलेंगे तो उनके लिए गुजारा मुश्किल हो जाएगा। तिपहिया ऑटो चालक महासंघ के अध्यक्ष संजय चावला ने बताया कि हम नहीं चाहते हैं कि यात्रियों पर किराये का बोझ बढ़े। मौजूदा हालात में सरकार सीएनजी पर सब्सिडी बढ़ाए और अगर ऐसा संभव नहीं होता तो शुरआती किराया 30 रुपये कर प्रति किलोमीटर 10 रुपये का रेट किया जा सकता है। सब्सिडी से यात्रियों पर भी किराया बढ़ोतरी का बोझ नहीं पड़ेगा।
ड्यूटी कैंसल कर कैब में यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है गंतव्य तक
सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा कि किराया में सीएनजी की दरें इतनी बढ़ गई हैं कि चालकों की कमाई न के बराबर रह गई है। कई चालक तो अपना गुजारा करने के लिए ड्यूटी कैंसल करने के लिए यात्रियों से बातचीत के बाद ड्यूटी ऑफ कर लेते हैं। यात्रियों को कंपनी की तरफ से चार्ज की जाने वाली राशि में छूट दे दी जाती है ताकि कमीशन की बचत हो सके। ऐसा न करने से टैक्सी चलाना संभव नहीं है।