{"_id":"61d3ccf6bf000500bc609e1b","slug":"government-of-india-new-initiative-new-policy-for-ad-tech-platform-to-stop-assault-of-student-in-the-name-of-cheap-loan","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई पहल: शिक्षा मंत्री बोले- एड-टेक प्लेटफार्म के लिए सरकार लाएगी पॉलिसी, रुकेगा छात्रों का लोन के नाम पर शोषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई पहल: शिक्षा मंत्री बोले- एड-टेक प्लेटफार्म के लिए सरकार लाएगी पॉलिसी, रुकेगा छात्रों का लोन के नाम पर शोषण
Tue, 04 Jan 2022 09:58 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 04 Jan 2022 09:58 AM IST
सार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इससे पहले नई शिक्षा नीति के तहत इंजीनियरिंग की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषा में शुरू करने के लिए तकनीकी पुस्तकों का विमोचन और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक गठबंधन(एनईएटी ) 3.0 भी लांच किया।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्र सरकार एड-टेक प्लेटफार्म के लिए जल्द ही पॉलिसी ला रही है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय अब कानून मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से बात करेगा। केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि कुछ कंपनियां छात्रों को लोन आधारित कोर्स देने के नाम पर शोषण कर रही हैं। वह बिजनेस कर सकते हैं, लेकिन छात्रों से ठगी, शोषण और धोखा नहीं कर सकते हैं। मंत्रालय के संज्ञान में इस तरह की शिकायतें आईं हैं, इसलिए सभी स्कूल और उच्च शिक्षा विभागों को इनके लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।
विज्ञापन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इससे पहले नई शिक्षा नीति के तहत इंजीनियरिंग की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषा में शुरू करने के लिए तकनीकी पुस्तकों का विमोचन और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक गठबंधन(एनईएटी ) 3.0 भी लांच किया। इस मौके पर उन्होंने एआईसीटीई द्वारा सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के लिए 253.72 करोड़ रुपये के 12 लाख तकनीकी कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्राें को एनईएटी एड-टेक नि:शुल्क पाठ्यक्रम कूपन भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि छात्र इन कूपन की मदद से अपनी जरूरत के आधार पर कोर्स चुनकर पढ़ा कर सकते हैं।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्रालय ने जारी की है एडवाइजरी
इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों राज्यों, अभिभावकों, शिक्षकों समेत सभी हितधारकों के लिए परामर्श (एडवाइजरी )जारी किया है। इसमें एड-टेक कंपनियों के प्रचार या झूठे वादों से आगाह किया गया है। इसमें कहा था कि शिक्षा में प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को देखते हुए, कई एड-टेक कंपनियों ने ऑनलाइन मोड में पाठ्यक्रम, ट्यूटोरियल, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग आदि की पेशकश शुरू की है।
विज्ञापन
लेकिन ऑनलाइन सामग्री और कोचिंग का चयन करने के फैसला बेहद सावधानी से लेना होगा। क्योंकि कुछ एड-टेक कंपनियां माता-पिता को मुफ्त की पेशकश करने की आड़ में लुभा रही हैं। वे सेवा और इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर मैंडेट पर हस्ताक्षर या ऑटो-डेबिट सुविधा को सक्रिय करने का विकल्प देकर कमजोर परिवारों को लक्ष्य बनाकर गुमराह कर रही हैं।