जनलोकपाल बिल पास करने को सत्र बढ़ाएगी केजरीवाल सरकार
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दिल्ली जनलोकपाल बिल पेश करने में देरी पर हो रही किरकिरी और राजनीतिक हमले रोकने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार विस के शीतकालीन सत्र को बढ़ाएगी। अभी सत्र 28 नवंबर तक प्रस्तावित है जिसे दिसंबर के पहले सप्ताह तक बढ़ाए जाने की संभावना है।
कैबिनेट में अधपके विधेयक पर चर्चा के बाद प्रारूप की बारीकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शुक्रवार को हुई विस की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी भी प्रारूप नहीं आया है।
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली जनलोकपाल बिल, 2015 में मूल रूप से 13 फरवरी, 2014 में पेश बिल के आधा दर्जन प्रावधान हटाए या बदले गए हैं। उसमें एक मुख्य लोकपाल के साथ 6 से 9 लोकपाल नियुक्ति के प्रावधान को एक लोकपाल व दो सदस्य के तौर पर बदल दिया गया है।
30 नवंबर या एक दिसंबर को पेश होगा दिल्ली जनलोकपाल
वहीं समयबद्ध सेवा कानून और लोकपाल की विजलेंस को इससे अलग कर दिया गया है। दिल्ली सरकार दिल्ली जनलोकपाल बिल केन्द्र व उपराज्यपाल से अनुमति के बिना ही विस में 30 नवंबर या एक दिसंबर को पेश किए जाने की तैयारी है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी सरकार को डर है कि विस में पास करके बिल भेजे जाने पर केन्द्र सरकार इसे स्वीकृति नहीं देगा। क्योंकि इसमें केन्द्रीय कानून के कुछ प्रावधान टकराएंगे। यही वजह है कि जब तक नया विधेयक कानून का रूप नहीं लेता तब तक दिल्ली का लोकायुक्त काम करेगा।
समयबद्ध सेवा कानून और दिल्ली सरकार की विजिलेंस प्रभावी रखने केलिए उसे अलग किया गया है।