{"_id":"5c9ec2b4bdec2214154eabde","slug":"government-and-school-face-to-face-after-order-of-hike-in-fees","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के फीस बढ़ोतरी के आदेश के बाद सरकार व स्कूल आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के फीस बढ़ोतरी के आदेश के बाद सरकार व स्कूल आमने-सामने
Sat, 30 Mar 2019 06:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2019 06:43 AM IST
विज्ञापन
delhi high court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली हाईकोर्ट से शिक्षकों का वेतन बढ़ाने के लिए मिली राहत के बाद स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है। हाईकोर्ट के फैसले के ध्यानार्थ स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस भेजकर बढ़ी फीस भरने को कहा है। वहीं, शिक्षा निदेशालय ने बीते बृहस्पतिवार को ही आदेश जारी किया था कि स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है। अब सरकार व निजी स्कूलों की लड़ाई के चलते अभिभावक परेशान हैं। सोमवार को यह मामला फिर हाईकोर्ट पहुंच रहा है।
विज्ञापन
बीती 15 मार्च को निजी स्कूलों ने सातवें वेतन आयोग के नाम पर शिक्षकों को सैलरी बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में शिक्षा निदेशालय के सर्कुलर को चुनौती दी थी। कोर्ट ने स्कूलों को फीस बढ़ोतरी की मंजूरी प्रदान कर दी। अदालत ने कहा कि बिना फीस बढ़ोतरी के स्कूल शिक्षकों को वेतन कैसे देंगे। इस राहत के बाद स्कूलों ने बढ़ी फीस लेने के लिए अभिभावकों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए। इसके बाद कुछ अभिभावकों ने फीस जमा करवा दी तो कुछ ने आपत्ति करनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुछ नहीं किया, लेकिन बृहस्पतिवार को अचानक स्कूलों को हाईकोर्ट के ही एक पुराने फैसले का हवाला देकर फीस बढ़ाने से मना कर दिया। शिक्षा निदेशालय ने तर्क रखा कि फीस बढ़ाने से पहले सरकार की अनुमति जरूरी है। सरकार इस तर्क के साथ सोमवार को हाईकोर्ट में जा रही है।
विज्ञापन
वहीं, स्कूल की बढ़ी फीस के कारण अभिभावक हलकान हो गए हैं। कई स्कूलों में बीते साल के मुकाबले कुल फीस में तीन हजार तक की बढ़ोतरी हो गई है। एक अभिभावक ने बताया कि वह बीते साल तक तीन महीने की फीस लगभग 14 हजार दे रहे थे, लेकिन अब लगभग 17 हजार फीस चुकाई है। दो बच्चों के हिसाब से सीधे-सीधे उन पर छह हजार का बोझ बढ़ गया है।
सरकार की मंजूरी का आदेश देरी से निकाला
ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल के अनुसार शिक्षा निदेशालय ने फीस बढ़ाने से पहले मंजूरी का आदेश बृहस्पतिवार को निकाला है। वहीं कई स्कूलों ने फीस जमा करने के लिए डेडलाइन दे रखी हैं। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। स्कूल इस आदेश को नहीं मानेंगे। पहले आदेश निकालते तो अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद भी थी। अब स्कूलों को ही राहत मिलेगी।
फीस बढ़ाने के लिए प्रस्ताव देने को कहा
शिक्षा निदेशालय ने बीते बृहस्पतिवार को आदेश दिया है कि स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए स्कूलों को अपना वित्तीय लेखा-जोखा फीस बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ निदेशालय को भेजना होगा। निदेशालय ने इसके लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल भी तैयार किया है। जिसमें उन्हें 2018-19 और 2019-20 में फीस बढ़ाने के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा है। स्कूलों को इसके लिए 30 मार्च से 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से फीस बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी लेेने के लिए हाईकोर्ट के 19 जनवरी 2016 के आदेश का हवाला दिया है।
शिक्षकों को देना है सातवें वेतन आयोग का लाभ
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की मांग कर रही है। दूसरी तरफ फीस बढ़ाने से रोक रही है। यदि फीस में बढ़ोतरी नहीं होगी तो शिक्षकों को वेतन कैसे दिया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने भी इस तर्क को माना है लेकिन सरकार बिना कारण स्कूल प्रबंधकों को परेशान कर रही है और इससे शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा। वहीं, अभिभावक भी परेशान हैं।
फीस बढ़ाने के लिए प्रस्ताव देने को कहा
शिक्षा निदेशालय ने बीते बृहस्पतिवार को आदेश दिया है कि स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए स्कूलों को अपना वित्तीय लेखा-जोखा फीस बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ निदेशालय को भेजना होगा। निदेशालय ने इसके लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल भी तैयार किया है। जिसमें उन्हें 2018-19 और 2019-20 में फीस बढ़ाने के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा है। स्कूलों को इसके लिए 30 मार्च से 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से फीस बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी लेेने के लिए हाईकोर्ट के 19 जनवरी 2016 के आदेश का हवाला दिया है।
शिक्षकों को देना है सातवें वेतन आयोग का लाभ
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की मांग कर रही है। दूसरी तरफ फीस बढ़ाने से रोक रही है। यदि फीस में बढ़ोतरी नहीं होगी तो शिक्षकों को वेतन कैसे दिया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने भी इस तर्क को माना है लेकिन सरकार बिना कारण स्कूल प्रबंधकों को परेशान कर रही है और इससे शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा। वहीं, अभिभावक भी परेशान हैं।