अखिलेश के जलवे को AAP के मंत्री ने दी मात
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आम आदमी पार्टी अपनी दूसरी पारी में लगातार उन मामलों में फंसती दिख रही है जिसका अब तक वह खुद ही विरोध करती रही है। एक बार फिर आप नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री के एक आचरण के चलते पार्टी खुद ही अपने कहे से पलटती पाई गई है।
गोपाल राय उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। फरवरी में दिल्ली में बनी आम आदमी पार्टी की सरकार में उन्हें परिवहन व ग्रामीण विकास मंत्री (कैबिनेट मंत्री) का पद दिया गया हैं। इसी हफ्ते वह किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मऊ गए जिसके बाद से वह चर्चा में हैं।
जैसा कि सभी जानते हैं कि आम आदमी पार्टी वीआईपी कल्चर की विरोधी रही है। लेकिन गोपाल राय जब मऊ पहुंचे तो रेलवे स्टेशन से घर तक जाने के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ऐसी गाड़ी का इस्तेमाल किया जिसमें लाल बत्ती लगी हुई थी।
खुद अपने की बयान से पलटे केजरीवाल
इतना ही नहीं गोपाल राय का काफिला इतना लंबा था कि उसे देख कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी अपने काफिले के बारे में सोचना पड़ जाए।
गोपाल राय को एस्कॉर्ट करने के लिए मऊ के एसडीएम और आरटीओ खुद उनके काफिले में आगे-आगे चल रहे थे ताकि दिल्ली से आए मंत्री जी को यूपी में कोई परेशानी न हो।
पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा मामला है जब दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी की सरकार ने उसी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दिया है जिसका खुद अरविंद केजरीवाल शपथ ग्रहण के बाद उसी मंच से विरोध करने और उसे खत्म करने का दिल्ली वालों से वादा कर रहे थे।
सीएम के कार्यक्रम में वीआईपी के लिए अलग रास्ता
अभी हाल ही में दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए हेल्प लाइन नंबर 1031 की शुरुआत की गई। इस नंबर की औपचारिक शुरुआत के लिए दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भव्य सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इस कार्यक्रम में पहुंचने के लिए आम आदमी और वीआईपी के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए थे। आम आदमी पार्टी के इस बदले बर्ताव को लेकर मीडिया में काफी हंगामा भी हुआ।
कुछ दिन बाद ही आप के मंत्री का लाल बत्ती लगी गाड़ी में लंबे लाव-लश्कर के साथ चलने का मामला एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है।
आप के नेता ही लगा चुके हैं आरोप
देखना यह है कि वीआईपी कल्चर के विरोधी और इसे खत्म करने की बात करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस मामले में क्या रूख अपनाते हैं।
हालांकि उनकी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव केजरीवाल पर ही यह आरोप लगा चुके हैं कि वह व्यक्तिवाद और वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं।
वीआईपी कल्चर के मामले में बुरी तरह फंसती दिख रही आम आदमी पार्टी फिलहाल अपने नेताओं के बगावत और कार्यकर्ताओं के असंतोष से भी जूझती दिख रही है।