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गूगल मैप के फेर में फंस सकता है एडमिशन
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Jan 2014 03:45 PM IST
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दिल्ली में निजी स्कूलों के रवैये से अभिभावकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्कूलों के मनमाने नियमों से अभिभावकों का हाल-बेहाल है।
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एक स्कूल पंजीकरण शुल्क के नाम पर अभिभावकों से 25 रुपये का ड्रॉफ्ट मांग रहा है। तो कहीं आधे-आधे घंटे में एक फॉर्म दिया जा रहा है तो कहीं गूगल मैप जांचकर फॉर्म भरने की सलाह दी जा रही है।
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एक अभिभावक ने बताया कि पूसा रोड स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए 25 रुपये का पंजीकरण शुल्क चेक या डिमांड ड्रॉफ्ट से देने की बात कही जा रही है।
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अब उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि स्कूल की ओर से यह विकल्प क्यों रखा गया है। जबकि एक ड्रॉफ्ट बनवाने के लिए उसे 25 से 30 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वहीं रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल में अभिभावकों कहा गया कि परेशानी से बचने के लिए वह 25 रुपये पंजीकरण शुल्क के लिए पूरे पैसे खुले लेकर आएं।
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वहीं श्रेष्ठ विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में अपने बच्चे के आवेदन करने के लिए जब ऑनलाइन आवेदन करने की सोची तो उन्हों आठ किलोमीटर मापने के लिए गूगल मैप का सहारा लेने के लिए कहा गया। जब उन्होंने अपनी कार से घर से स्कूल की दूरी मापी तो कम आई जबकि गूगल मैप से वह दूरी बढ़ गई।
ऐसे में वह कहते हैं कि पता नहीं स्कूल ने कैसे गूगल मैप का सहारा लिया है। इससे उनके जैसे कई अभिभावकों को झटका लग सकता है।
अभिभावकों की परेशानी केवल यही नहीं है बल्कि फॉर्म देने में भी देरी उनके लिए समस्या है। ज्यादातर स्कूलों में दिनभर अभिभावकों की लंबी लाइन लगी रही। पैरेंट्स का आरोप है कि एक ही विंडो से फॉर्म दिया जाता रहा जबकि ठंड व बरसात है। ऐसे में केवल आधे घंटे में दो से तीन पैरेंट्स को ही फॉर्म मिल पा रहे हैं।