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Delhi NCR News: सद्भावना कांवड़ शिविर बना हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
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- मोहम्मद बिलाल ने उठाया कांवड़
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। सावन के महीने में पूर्वी दिल्ली का जाफराबाद इलाका धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की अनोखी तस्वीर पेश कर रहा है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पिछले 32 साल से लग रहा सद्भावना कांवड़ शिविर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना हुआ है। यहां कांवड़ियों की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी मुस्लिम समाज के लोग संभाल रहे हैं, जो बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी, विश्राम और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
शिविर संचालक मतीन अहमद ने कहा कि धर्म और आस्था का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। दोनों समुदाय मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं। वरिष्ठ नेता चौधरी मतीन अहमद और चौधरी जुबैर अहमद की अहम भूमिका रहती है, जो लगातार भोजन, पानी, स्वास्थ्य सहायता और विश्राम व्यवस्था का जायजा लेते हैं। शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया जाता है और बुजुर्गों, महिलाओं व दूर-दराज से आने वालों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
आस्था और भाईचारे की एक और मिसाल भजनपुरा निवासी मोहम्मद बिलाल हैं, जिन्होंने मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बिलाल ने कहा कि आस्था व्यक्ति का निजी विषय है और भगवान के प्रति श्रद्धा किसी धर्म की सीमा में नहीं बंधती।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। सावन के महीने में पूर्वी दिल्ली का जाफराबाद इलाका धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की अनोखी तस्वीर पेश कर रहा है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पिछले 32 साल से लग रहा सद्भावना कांवड़ शिविर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना हुआ है। यहां कांवड़ियों की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी मुस्लिम समाज के लोग संभाल रहे हैं, जो बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी, विश्राम और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
शिविर संचालक मतीन अहमद ने कहा कि धर्म और आस्था का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। दोनों समुदाय मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं। वरिष्ठ नेता चौधरी मतीन अहमद और चौधरी जुबैर अहमद की अहम भूमिका रहती है, जो लगातार भोजन, पानी, स्वास्थ्य सहायता और विश्राम व्यवस्था का जायजा लेते हैं। शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया जाता है और बुजुर्गों, महिलाओं व दूर-दराज से आने वालों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
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आस्था और भाईचारे की एक और मिसाल भजनपुरा निवासी मोहम्मद बिलाल हैं, जिन्होंने मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बिलाल ने कहा कि आस्था व्यक्ति का निजी विषय है और भगवान के प्रति श्रद्धा किसी धर्म की सीमा में नहीं बंधती।
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