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सिंघु बॉर्डर पर लगा गोल गप्पा लंगर, किसी को मिला सेवा-सुख और किसी को मेवा
Sun, 27 Dec 2020 01:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 27 Dec 2020 01:12 AM IST
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गोल गप्पा
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ी संख्या में किसान डटे हुए हैं। प्रदर्शन को एन महीना हो चुका है। मामला देश-विदेश के मीडिया में छाया हुआ है। किसानों की सेवा के नए-नए तौर-तरीके भी सामने आ रहे हैं।
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सिरसा के दमकलकर्मियों ने जब बॉर्डर पर किसानों के लिए गोल गप्पा लंगर लगाया तो वह भी चर्चा का विषय बना। सुरेंद्र कम्बोज बताते हैं कि उन्होंने देखा वहां पर एक बच्चा गोल गप्पे वाले पास खड़ा था। उसके पास गोप गप्पों के लिए पैसे नहीं थे। उधर गोल गप्पे वाला भी अपनी बिक्री को लेकर परेशान था। चूंकि किसान वहां चल रहे लंगरों में ही खा-पी रहे हैं इसलिए उसकी कई दिनों से बिक्री कम हुई थी।
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यही देख कम्बोज और उसके 21 साथियों को गोल गप्पा लंगर का आइडिया आया। सोचा इस बहाने किसानों की सेवा हो जाएगी और दुकानदार और बच्चे की मदद।