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गोकलपुरी दंगा: कोर्ट ने शिकायतें अलग-अलग करने पर मांगी रिपोर्ट, कहा- जांच एजेंसी और समय बर्बाद नहीं कर सकती

Tue, 26 Jul 2022 10:50 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 26 Jul 2022 10:50 PM IST
सार

अदालत ने हालही में पुलिस को अलग-अलग तारीखों से संबंधित शिकायतों को एक ही प्राथमिकी में जोड़ने के पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए सभी शिकायतों को अलग-अलग करने का निर्देश दिया था।

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Gokalpuri riots Court seeks report on segregation of complaints
गोकुलपुरी दंगा - फोटो : amar ujala

विस्तार

अदालत ने पूर्वोत्तर दिल्ली के गोकलपुरी में कथित दंगों से संबंधित विभिन्न शिकायतों को अलग करने के आदेश का पालन न करने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब किया है। अदालत ने साथ ही उन्हें अब तक की गई कार्रवाई की एक ठोस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

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अदालत ने हालही में पुलिस को अलग-अलग तारीखों से संबंधित शिकायतों को एक ही प्राथमिकी में जोड़ने के पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए सभी शिकायतों को अलग-अलग करने का निर्देश दिया था।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक और आईओ से पिछले साढ़े तीन महीनों में शिकायतों को अलग करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा। सहायक उप-निरीक्षक एवं जांच अधिकारी रहे सुशील कुमार ने अदालत को सूचित किया कि सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने मामले में सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र को नया जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। हालांकि नए आईओ मामले में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

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अदालत ने उनके तर्क सुनने के बाद संबंधित एसीपी और संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) को तीन अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा काफी समय बीत चुका है और जांच एजेंसी उन शिकायतों पर अलग से कार्रवाई करने के नाम पर और समय बर्बाद नहीं कर सकती। चूंकि एफआईआर एक ही है और आज तक यह सूचित नहीं किया गया है कि उन शिकायतों के आधार पर कोई अलग एफआईआर दर्ज की गई है, इसलिए आईओ का यह कर्तव्य है कि वह इस अदालत को भी उन पर की गई कार्रवाई की स्थिति के बारे में सूचित करें।

अदालत ने आदेश में कहा कि की गई कार्रवाई की ठोस रिपोर्ट इस अदालत में भी दाखिल की जानी चाहिए। इससे पहले, 4 अप्रैल, 2022 को, दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया था कि दंगों की घटना के संबंध में शिकायतों को अलग किया जा रहा है और उन शिकायतों पर अलग से कार्यवाही शुरू की जाएगी।

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