{"_id":"5f7c5e1d4c36f647ec07472d","slug":"goddess-durga-idol-ready-but-buyers-are-less-only-10-percent-business-left-in-corona-period","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां दुर्गा की मूर्तियां तैयार, खरीददारों के इंतजार में मूर्तिकार, 5-10 फीसदी ही बचा मूर्ति का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां दुर्गा की मूर्तियां तैयार, खरीददारों के इंतजार में मूर्तिकार, 5-10 फीसदी ही बचा मूर्ति का कारोबार
Tue, 06 Oct 2020 05:38 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 06 Oct 2020 05:38 PM IST
विज्ञापन
मां दुर्गा की मूर्ति बनाते मूर्तिकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मां दुर्गा की अराधना की तैयारी देशभर में जोरों पर हैं। मूर्तिकार अपनी बेजोड़ कारीगरी से मां दुर्गा की मूर्तियों को भव्य रुप दे रहे हैं, मगर कोरोना काल में आयोजनों पर लग रहा विराम इन मूर्तिकारों को चिंता में डाल रहा है।
विज्ञापन
दरअसल जिले में कोरोना के प्रभाव को देखते हुए दुर्गा उत्सव पर पंडाल नहीं सजाए जाएंगे। जिसका सीधा असर मूर्तियों की खरीद पर पड़ेगा। मूर्तिकारों का कहना है कि कोरोना काल की वजह से अभी तक उनके पास 5 से 10 मूर्तियों की ही मांग आई है। गणेश उत्सव के समय भी मूर्तिकारों को कोरोना काल की गहरी मार झेलनी पड़ी थी। शहरवासियों ने निम्न स्तर पर मूर्तियों की खरीददारी की।
विज्ञापन
सेक्टर-14 रोड स्थित मूर्तिकार बंशीलाल का कहना है कि वह पिछले 20 सालों से यही कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष पांच से सात फुट तक की 100 मूर्तियों तक की मांग एक महीने पहले ही आ जाती थी। वहीं अब तक सिर्फ पांच मूर्तियों की मांग आई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस त्योहार से ही उन्हें पूरे वर्ष की रोजी रोटी मिलती है। मां दुर्गा की आस्था में विश्वास रखते हुए 50 से ज्यादा मूर्तियां बनाई है। गणेश उत्सव के दौरान भी लोगों ने निम्न स्तर पर ही मूर्तियां खरीदी थी। जिसकी वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
मूर्तिकार वंशीलाल ने बताया कि चैत्र नवरात्र में भी उन्होंने मूर्तियां बनाई थी। वह तीस हजार में छोटी-बड़ी मूर्तियां खरीद कर लाए थे लेकिन एक भी मूर्ति नहीं बिकी थी। अभी तक मूर्तियां उनके पास रखी है। मूर्तिकार सीता का कहना है कि इस बार ग्राहकों के आने की उम्मीद टूट रही है। बड़ी मूर्तियों को आकार नहीं दिया जा रहा है। अब तक सभी लोगों ने छोटी मूर्तियों की मांग की है। ऑर्डर आने पर ही बड़ी मूर्ति बनाई जाएगी। उनके पास पांच फुट से लेकर एक फुट तक की मूर्ति है।
मूर्तिकार शिवा ने बताया कि उनके लिए दुर्गा उत्सव और गणेश उत्सव मुख्य त्यौहार है। यदि इस त्यौहार पर लोगों द्वारा मूर्तियां नहीं खरीदी जाती है तो परिवार के लिए आर्थिक मुसीबत खड़ी होगी। अगर कोई ग्राहक नहीं आया तो सभी मूर्तिकारों के लिए मुसीबत आ जाएगी। त्यौहार में कुछ ही दिन बाकी है। अचानक से मूर्तियों का निर्माण नहीं हो सकता। इसलिए पहले से ही स्टॉक में मूर्तियां जमा करना भी जरुरी है।
दुर्गा समिति भी नहीं कर रहे कार्यक्रम
21 और 22 अक्तूबर से दुर्गा उत्सव का आयोजन किया जाना है। प्रतिवर्ष गुरुग्राम में बड़े स्तर दुर्गा उत्सव मनाया जाता है। वहीं इस बार दुर्गा उत्सव समितियों ने अभी तक कोई खास निर्णय नहीं लिया है। वे अभी तक कार्यक्रम को आयोजित नहीं करने के पक्ष में ही है। दुर्गा पूजा समिति और पूरवापल्ली दुर्गाबाड़ी समिति इस वर्ष उत्सव नहीं मनाने के पक्ष है। दोनों ही समितियां लोगों को घरों में ही सामाजिक दूरी के साथ उत्सव को मनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहीं हैं।