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जेएनयू में संगोष्ठी का आयोजन, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से चौथी औद्योगिक क्रांति’
Wed, 13 Mar 2019 01:34 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:34 AM IST
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग से चौथी औद्योगिक क्रांति संभव है। इसलिए एआई और मशीन लर्निंग को पाठ्यक्रम में शामिल करते हुए उसकी पढ़ाई करवाई जानी चाहिए। उद्योग जगत से जुड़ने वाले युवा एआई व मशीन लर्निंग की तकनीक से उद्योगों को नई दिशा देंगे। यह बात विशेषज्ञों ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्पेशल सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च में आयोजित वैश्विक संगोष्ठी के दूसरे दिन के सत्र में कही। खास बात यह है कि विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया से आपदा की जागरूकता, स्मार्ट सिटी व परिवहन व्यवस्था को सुचारु चलाने पर जोर दिया।
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जेएनयू कैंपस में आयोजित संगोष्ठी में मंगलवार को विशेषज्ञों ने भविष्य की तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा सत्र में विशेषज्ञों ने एआई की महत्ता बताते हुए आपदा प्रबंधन से निपटने में तकनीक के तरीके बताए। सेना से जुड़े विशेषज्ञों ने आपदा के दौरान तकनीक की जानकारी दी। बताया कि रोबोट व ड्रोन के माध्यम से आपदा में फंसे लोगों तक राहत सामग्री भी पहुंचाई है। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से आपदा में फंसे लोगों की सटीक जानकारी भी आपदा प्रबंधन को मिली।
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प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि केरल बाढ़ के दौरान नुकसान अधिक होता, यदि सोशल मीडिया के माध्यम से आपदा की जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंची होती। विशेषज्ञों ने माना कि स्मार्ट सिटी के मॉडल में मशीन लर्निंग एक बेहतर समाज निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है। हालांकि यह जरूरी है कि जो डाटा मिल रहा है, वह सटीक हो। क्योंकि तकनीक के दौर में इंटरनेट जो मुहैया करवाता है, लोग उसे सही मान लेते हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग शहरी क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें जीपीएस से वाहन की ट्रैकिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, मैप से रास्ता समझा जा सकता है। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने आपदा से पहले सूचना, अनुमान व मौसम पर भी चर्चा हुई।
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