फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Give the money to eat poison ...

बैंक वालों...जहर खाने को तो पैसा दे दो...

Fri, 02 Dec 2016 08:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 02 Dec 2016 08:50 PM IST
विज्ञापन
Give the money to eat poison ...
पैसे न मिलने से नाराज व्यक्ति - फोटो : अमर उजाला

शुक्रवार सुबह बीके-हार्डवेयर रोड स्थित इंडियन बैंक के बाहर लोगों ने हंगामा कर दिया। कोई सुबह 4 बजे से तो कोई 9 बजे से लाइन लगाए खड़ा था। बैंक से पैसा नहीं मिला तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बैंक के अधिकारियों ने बाहर आकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा जारी रहा।

विज्ञापन


बैंक प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। गुस्साए लोगों का आरोप था कि सुबह चार बजे टोकन बांटने का क्या औचित्य है। जो कोई सुबह आठ बजे बैंक की लाइन में लगेगा क्या उसे पैसा नहीं मिलेगा। नाराज लोगों ने बैंक प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन


ऐसे ही एक गुस्‍साए व्यक्ति ने दुखी हो कर कहा कि घर में दो दिन से आटा नहीं है, बच्चों को क्या खिलाऊं। बैंक वालों...जहर खाने के लिए पैसा तो दे दो। पिछले तीन दिन से एनआईटी पांच स्थित विजया बैंक के धक्के खा रहे महेश कुमार की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने लाइन तोड़कर बैंक में घुसने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे पर खड़े पुलिसकर्मी ने रोक दिया। नोटबंदी से बिगड़ी बैंकिंग प्रणाली से नाराज महेश दरवाजे पर खड़े गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन बैंक प्रबंधन को आम आदमी की परेशानी से क्या लेना देना था।

लाइन में सुबह से खड़े लोगों का दिल भी पसीज गया।

Give the money to eat poison ...
नाराज लोगों को समझाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

लाइन में सुबह से खड़े लोगों का दिल भी पसीज गया। लाइन से चिल्लाकर लोग महेश को बैंक के अंदर जाने देने की आवाज लगाते रहे, इसके बाद उन्हें बैंक के अंदर जाने का मौका मिला लोगों का कहना था कि बैंक के बाहर कैश न होने का न तो कोई नोटिस लगाया जाता है और न ही जानकारी दी जाती है।

लोग घंटों लाइन में खड़े होकर समय बर्बाद कर वापस चले जाते हैं। बैंक की तरफ से कुछ लोगों को वीआईपी सुविधा दी जाती है। लाइन में खड़े मनोज ने बताया कि पैसा जमा करने के लिए भी टोकन लेना पड़ रहा है, जिसके पास टोकन नहीं होता उसे वापस लौटा दिया जाता है।

मैं खुद दो दिन से पैसे लिए घूम रहा हूं। सुरेश कुमार ने बताया कि बैंक वाले बड़ी राशि वालों को पहले बुला रहे हैं, हमें भी पैसे जमा कराने हैं लेकिन हमारी रकम कम है। पुलिस ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed