आरटीआई में 30 दिन के भीतर दें सूचना, SPIO को पढ़ाया सूचना के अधिकार का पाठ
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हरियाणा के सूचना आयुक्त शिव रमन गौड़ ने सोमवार गुरुग्राम में विभिन्न विभागों के राज्य जन सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) को सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) का पाठ पढ़ाया। इस अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सूचना सृजित करके आवेदक को उपलब्ध करवाना जरूरी नहीं है।
केवल कार्यालय में उपलब्ध सूचना ही आवेदक को 30 दिन के भीतर उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों के अंतर्गत यदि रिकॉर्ड की छंटनी करके उसे नष्ट कर दिया गया है तो इस संबंध में आवेदक को सूचित कर दें, उसके बाद एसपीआईओ की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है।
गौड़ ने गुरुग्राम के लघुसचिवालय के सभागार में सूचना के अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बिंदुओं पर प्रकाश डाला और इस अधिनियम के तहत केसों की सुनवाई के दौरान उनके समक्ष जो कमियां आई, उन कमियों को विभागीय अधिकारियों के साथ सांझा किया, ताकि भविष्य में वे उन कमियों को दूर करके जुर्माने से बच सकें।
उन्होंने कहा कि एसपीआईओ के पास यदि किसी दूसरे विभाग से संबंधित आरटीआई की दरखास्त आ जाती है तो पांच दिन के भीतर धारा-6 (3) के तहत उसे संबंधित विभाग के एसपीआईओ के पास भेजना जरूरी है और भेजते समय पत्र पर इस धारा का उल्लेख करना भी अनिवार्य है।
उन्होंने सभी एसपीआईओ को आरटीआई एक्ट के लिए अलग डायरी डिस्पैच रजिस्टर लगाने का सुझाव दिया और कहा कि अपने कार्यालय में प्रतिदिन आरटीआई के तहत आवेदन चैक करने के लिए समय निकालें।
साथ ही उन्होंने कहा कि अक्सर विभाग आवेदक को समय पर पैसा जमा करवाने के लिए नहीं कहते, जिसकी वजह से बाद में दस्तावेजों की कॉपी फ्री देनी पड़ती है जिससे सरकार को भारी राजस्व की हानि होती है।
यदि आवेदन में स्पष्टता का अभाव है और समझ में नहीं आ रहा है कि आवेदक क्या चाहता है, तो उसे फोन कॉल करके इस संबंध में पूछ लें। उन्होंने एसपीआईओ को समयसीमा का ध्यान रखने की हिदायत दी और कहा कि सूचना सर्टिफाईड फॉर्मेट में ही दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पहली एपेलेट अथोरिटी को 45 दिन में विस्तृत ऑर्डर पास करना चाहिए। इस अवसर पर नगराधीश रोहित यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।