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'गीता दुनिया के कई देशों में पाठ्यक्रम का हिस्सा है'
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 04 Jan 2016 07:25 PM IST
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आरएसएस के विचारक एवं भारत नीति प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. राकेश सिन्हा ने कहा कि श्रीमदभागवत गीता केवल धार्मिक ग्रन्थ ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला एवं विज्ञान है।
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दुनिया के कई देशों में गीता पाठयक्रम का अंग है। अमेरिका की न्यूजर्सी विश्वविद्यालय में गीता अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। गीता एकमात्र ऐसा ग्रन्थ है जो दुनिया की सबसे ज्यादा भाषाओं में लिखा गया है।
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सिन्हा श्रीमदभगवत गीता के 5151 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार की देरशाम सेक्टर-10 स्थित राजस्थान भवन में हिंदी मासिक पत्रिका संघमार्ग के गीता जयंती विशेषांक के लोकार्पण के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रन्थ है जो निराशा में आशा की किरण खिलाता है। स्वतंत्रता संग्राम के महा नायक महात्मा गांधी एवं लोकमान्य तिलक के जीवन पर गीता का गहरा प्रभाव था।
उन्होंने कहा कि कर्म की प्रधानता ही गीता का सार है। समस्त मानव जाति के कल्याण का मार्ग गीता मं निहित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति भगवत दयाल गुप्ता ने की। मंच संचालन अमरदीप सिंह ने किया।