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रेप के झूठे केस में फंसाने की कोशिश पर फिरा पानी, खुद को बताया था नेत्रहीन

Sun, 29 Apr 2018 12:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 29 Apr 2018 12:26 PM IST
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girl was trying to fake a rape incident by calling herself blind
tears

नेत्रहीन दिखाकर किशोरी के साथ रेप के झूठे मामले ने तूल पकड़ लिया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी की तरफ कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि संवेदनशील मामले में बाल कल्याण समिति से लेकर चाइल्ड लाइन ने गंभीरता नहीं दिखाई।

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बल्कि किशोरी को मनमाने तरीके से नेत्रहीन दिखा दिया। वो भी उस वक्त जब सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश होते बालिका स्वयं कुर्सी से उठकर बिना किसी सहारे के सीढ़ियों से उतरकर नीचे गई थी।
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सात लोगों के लिखित बयान और चार पेज की विस्तृत जांच के आधार पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सीडब्ल्यूसी की सदस्या समेत चार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
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साहिबाबाद के लाजपत नगर में एक नेत्रहीन किशोर के साथ रेप की घटना 14 अप्रैल की सुर्खियों में आई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए शासन हरकत में आया और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी।

इसके बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन व पुलिस ने पूरे मामले की जांच की, जिसमें खुलासा हुआ था कि बालिका के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

न उसके साथ रेप हुआ और न ही वह नेत्रहीन है..

न उसके साथ रेप हुआ है और न ही वह नेत्रहीन है। ऐसे में डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए।

तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर ने मामले में सात लोगों के बयान लिए। इसमें बाल कल्याण समिति की दो सदस्यों ने लिखित में कहा कि 13 अप्रैल को जब बालिका कार्यालय आई तो वो खुद कुर्सी से उठकर बिना किसी का सहारा लिए सीढ़ियों से उतर कर नीचे गई थी।

उस वक्त उन्होंने सीडब्ल्यूसी की काउंसलर से यह बात कही थी लेकिन उनके कथन पर ध्यान नहीं दिया। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि दोनों सदस्यों ने कहा कि अधिकतर हम दोनों सदस्यों की सर्वथा उपेक्षा की जाती है।

मामले में सीडब्ल्यूसी की तीनों सदस्या, काउंसलर नीरू, चाइल्ड लाइन के समन्वयक आरिफ खान व काउंसलर सृष्टि त्यागी के साथ आशा ज्योति केंद्र की केस वर्कर प्रियांजली मिश्रा का भी बयान दर्ज किया गया, जिनमें काफी विरोधाभास मिला।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि सीडब्ल्यूसी में बच्चों के साथ अभद्रता व अमानवीय व्यवहार किया जाता है, जिसके आधार पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट में सीडब्ल्यूसी की सदस्या शालिनी सिंह, केस वर्कर प्रियांजली मिश्रा, सृष्टि त्यागी व आरिफ खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की है।

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