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देह व्यापार का मामला: किशोरी को दुबई भेजने की थी तैयारी, मोबाइल से खुला राज
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 05 Sep 2018 10:18 PM IST
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sex racket busted in noida
- फोटो : अमर उजाला
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लड़कियों को मॉडल व अभिनेत्री बनाने का सपना दिखाकर देहव्यापार कराने वाला झोलाछाप डॉक्टर संतोष और उसका गिरोह सेक्टर-8 से अगवा की गई किशोरी को दुबई भेजने की तैयारी में था। दो लाख रुपये में उसका सौदा किया गया था। पासपोर्ट और वीजा तैयार होने के बाद उसे दुबई भेज दिया जाता। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है कि आखिर ऐसा कौन व्यक्ति है जो गिरोह के लिए पासपोर्ट पासपोर्ट बनवा रहा था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-15 में रखी गई किशोरी को 20 दिन तक भारत में ही रखने का एक दलाल से सौदा किया गया था। दलाल ने एक लाख रुपये दे दिए थे और एक लाख रुपये देने अभी बाकी थे। इसके बाद उसे दुबई भेजना था।
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पुलिस इसकी जांच कर रही है कि आखिर संतोष ने दुबई या दूसरे देशों में कितनी लड़कियों को भेजा है। पुलिस ने वीजा और पासपोर्ट की जानकारी के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करने की तैयारी कर ली है। जानकारी मांगी जाएगी कि नोएडा के अलावा कितनी युवतियां/किशोरियां विदेशों में भेजी गई हैं।
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यह भी बात सामने आ रही है कि संतोष लड़कियों को नशीली दवा पिलाकर रखता था, ताकि वह होश में तो रहें पर दिमाग ज्यादा काम न करे। इससे वह कहीं भागती भी नहीं थीं और शोर भी नहीं मचाती थीं।
रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय टकरा दिया था
सेक्टर-20 पुलिस के समक्ष जब शिकायत करने के लिए किशोरी की मां गई थी तो शुरुआत में उसे चौकी से यह कहकर भगा दिया गया था कि वह किसी के साथ भाग गई होगी, लेकिन जब मां रोते हुए एक नेता के पास पहुंची तो वहां से फोन आते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और किशोरी की तलाश शुरू कर दी।
चंद सेकेंड के लिए मोबाइल ऑन हुआ तो पकड़ा गया गिरोह
सेक्टर-8 से अगवा करके किशोरी को क्लीनिक पर रखा गया था और रात में ही उसेे एक कार से सेक्टर-15 पहुंचाया गया था। यहां पर किशोरी का फोन लेकर रख दिया था। उसकी बैटरी खत्म हो गई थी। गिरोह के सदस्यों ने मोबाइल को चलाने का प्रयास किया था, लेकिन वह ऑन नहीं हो रहा था।
उधर, पीड़ित मां की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया था, लेकिन फोन चालू नहीं था। किशोरी ने फोन को ऐसे ही काफी देर तक दबाए रखा तो फोन ऑन हो गया और चंद सेकेंड बाद वह बंद भी हो गया, लेकिन पुलिस को इससे लोकेशन मिल गई। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करके उसे बरामद कर लिया था।
चंद सेकेंड के लिए मोबाइल ऑन हुआ तो पकड़ा गया गिरोह
सेक्टर-8 से अगवा करके किशोरी को क्लीनिक पर रखा गया था और रात में ही उसेे एक कार से सेक्टर-15 पहुंचाया गया था। यहां पर किशोरी का फोन लेकर रख दिया था। उसकी बैटरी खत्म हो गई थी। गिरोह के सदस्यों ने मोबाइल को चलाने का प्रयास किया था, लेकिन वह ऑन नहीं हो रहा था।
उधर, पीड़ित मां की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया था, लेकिन फोन चालू नहीं था। किशोरी ने फोन को ऐसे ही काफी देर तक दबाए रखा तो फोन ऑन हो गया और चंद सेकेंड बाद वह बंद भी हो गया, लेकिन पुलिस को इससे लोकेशन मिल गई। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करके उसे बरामद कर लिया था।