{"_id":"5ab25d7e4f1c1bb0758b69ce","slug":"ghulam-nabi-azad-says-raj-babbar-not-resigned-from-up-congress-president-post","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गुलाम नबी आजाद और प्रमोद तिवारी का बड़ा बयान- बोले राज बब्बर ने नहीं दिया इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलाम नबी आजाद और प्रमोद तिवारी का बड़ा बयान- बोले राज बब्बर ने नहीं दिया इस्तीफा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:21 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस महासचिव और यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के इस्तीफे की खबरों को सिरे से नकारते हुए कहा कि कोई इस्तीफा नहीं हुआ है। संसद पहुंचे राजबब्बर भी अपने इस्तीफे के सवालों पर घिरे नजर आए। उनका कहना है कि पार्टी ने जो काम दिया है जब तक दिया गया है कर रहा हूं।
राजबब्बर ने साफ किया कि उन्होंने कवि केदारनाथ सिंह की मृत्यु पर उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए उनकी कविता अंत एक मुहावरा है जिसे शब्द अपने विस्फोट से उड़ा देते हैं और उनकी फोटो के साथ ये कविता आज घर में घुसा तो वहां अजब दृश्य था सुनिए मेरे बिस्तर ने कहा ये रहा मेरा इस्तीफा, मैं अपने कपास के भीतर फिर जाना चाहता हूं को ट्वीट किया था। जिसके कुछ और मायने-मतलब निकाल लिए गए।
उन्होंने भी इंकार किया कि कोई इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा पार्टी में हो रहे संरचनात्मक बदलाव में वे किसी भी नई जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं। गोवा और गुजरात अध्यक्षों के इस्तीफे पर उनका कहना है ये उनका व्यक्तिगत फैसला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजबब्बर ने साफ किया कि उन्होंने कवि केदारनाथ सिंह की मृत्यु पर उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए उनकी कविता अंत एक मुहावरा है जिसे शब्द अपने विस्फोट से उड़ा देते हैं और उनकी फोटो के साथ ये कविता आज घर में घुसा तो वहां अजब दृश्य था सुनिए मेरे बिस्तर ने कहा ये रहा मेरा इस्तीफा, मैं अपने कपास के भीतर फिर जाना चाहता हूं को ट्वीट किया था। जिसके कुछ और मायने-मतलब निकाल लिए गए।
विज्ञापन
उन्होंने भी इंकार किया कि कोई इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा पार्टी में हो रहे संरचनात्मक बदलाव में वे किसी भी नई जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं। गोवा और गुजरात अध्यक्षों के इस्तीफे पर उनका कहना है ये उनका व्यक्तिगत फैसला है।
विज्ञापन
प्रमोद तिवारी, कांग्रेस नेता
- फोटो : ani
दरअसल कांग्रेस के संविधान के मुताबिक हाल में महाधिवेशन के लिए बनाई गई 34 सदस्रयों वाली संचालन समिति का कार्यकाल भी अधिवेशन के साथ उसी दिन समाप्त हो गया। लिहाजा नई कार्यसमिति के गठन और सभी पुराने पदाधिकारियों, प्रदेश कार्यकारिणी आदि नई नियुक्ति और नोटिफिकेशन होने तक स्वत: निष्क्रिय मानी जाती है।
लिहाजा तकनीकी तौर पर नई घोषणा के बाद ही अधिकृत तौर पर किसी को प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारी माना जाएगा।
राज बब्बर ने नहीं दिया इस्तीफा : प्रमोद तिवारी
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यह पूछे जाने पर क्या पार्टी हाईकमान जल्द ही यूपी में अध्यक्ष पद पर किसी अन्य नेता की नियुक्ति करेगा, तिवारी ने कहा कि अभी इस पद के लिए वैकेंसी ही नहीं है।
मीडिया में आईं इस तरह की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि राज बब्बर पहले की तरह ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। इसके साथ ही उन्होने कहा, भाजपा ने एससी-एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ढंग से पैरवी नहीं की, जिसके चलते कोर्ट का ऐसा फैसला आया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुसूचित जाति व जनजाति के उत्पीड़न करने वालों को बचाने के लिए यह षड्यंत्र रचा। इससे उनके उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ेंगी। ब्यूरो
लिहाजा तकनीकी तौर पर नई घोषणा के बाद ही अधिकृत तौर पर किसी को प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारी माना जाएगा।
राज बब्बर ने नहीं दिया इस्तीफा : प्रमोद तिवारी
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यह पूछे जाने पर क्या पार्टी हाईकमान जल्द ही यूपी में अध्यक्ष पद पर किसी अन्य नेता की नियुक्ति करेगा, तिवारी ने कहा कि अभी इस पद के लिए वैकेंसी ही नहीं है।
मीडिया में आईं इस तरह की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि राज बब्बर पहले की तरह ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। इसके साथ ही उन्होने कहा, भाजपा ने एससी-एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ढंग से पैरवी नहीं की, जिसके चलते कोर्ट का ऐसा फैसला आया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुसूचित जाति व जनजाति के उत्पीड़न करने वालों को बचाने के लिए यह षड्यंत्र रचा। इससे उनके उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ेंगी। ब्यूरो
I want to clear the issue, Raj Babbar has not resigned from his post of Uttar Pradesh Congress President: Pramod Tiwari, Congress pic.twitter.com/nMbHpPxqyW
— ANI UP (@ANINewsUP) March 21, 2018