मदरसे में रेप: एक दिन की रिमांड के बाद न्यायिक हिरसात में आरोपी को भेजा
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अदालत ने गाजीपुर से 11 साल की बच्ची को अगवा कर मदरसे में दुष्कर्म के आरोपी को एक दिन के रिमांड के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।
Ghazipur Madarsa rape case: Main accused sent to judicial custody by Delhi's Karkardooma Court.
— ANI (@ANI) May 3, 2018
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) द्वारा आरोपी को बालिग करार दिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उसे अदालत में पेश किया था।
पुलिस ने गाजियाबाद के एक मदरसे से आरोपी को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया था। कड़कड़डूमा अदालत के विशेष पोक्सो न्यायाधीश पूरन चंद के समक्ष पुलिस ने कहा कि आरोपी ने खुद को नाबालिग बताया था, इसलिए उसे सुधार गृह भेजा गया था।
अस्थि परीक्षण के बाद उसकी सही उम्र का खुलासा हुआ था। जेजेबी ने आरोपी का अस्थि परीक्षण करने वाले तीन डॉक्टरों के बयान के बाद उसे बालिग घोषित कर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था।
आरोपी की उम्र 20 वर्ष है
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को बुधवार को ही कड़कडड़ूमा स्थित विशेष पोक्सो अदालत में पेश किया था। दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने आरोपी के पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में कराए अस्थि परीक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को जेजेबी के सामने पेश कर कहा था कि आरोपी बालिग है।
रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी उम्र करीब 20 वर्ष है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पीड़िता को 21 अप्रैल को गाजीपुर से अगवा कर गाजियाबाद के एक मदरसे में हवस का शिकार बनाया था।
पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस ने 22 अप्रैल को मदरसे से लड़की को बरामद करने के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच अगले दिन अपराध शाखा को सौंपी गई थी।
अपराध शाखा ने ही उसका अस्थि परीक्षण कराया। यह मामला सामने आने के बाद कई संगठनों ने मौलवी गुलाम शाहिद की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे 27 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था।