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ब्लॉक में बंटा गाजीपुर बॉर्डर, जल्द मिलेंगे टेंट नंबर, बढ़ती भीड़ के मद्देनजर किसानों को दिए जा रहे हैं अस्थायी पते
Tue, 12 Jan 2021 01:58 AM IST
Vikas Kumar
पंकज तोमर, अमर उजाला, नई दिल्ली
पंकज तोमर, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 12 Jan 2021 01:58 AM IST
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किसानों ने रहने के लिए बनाए टेंट
- फोटो : amar ujala
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राजधानी के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन जोर पकड़ता नजर आ रहा है। आए दिन बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर को ब्लॉक में बांट दिया गया है और जल्द ही टेंट नंबर भी आवंटित किए जाएंगे। किसानों को अस्थायी पता मुहैया कराने के पीछे उद्देश्य यह है कि बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी न हो। किसान अपने टेंट नंबर बताएंगे और बाहरी व्यक्ति उसी आधार पर उनके पास पहुंच जाएगा।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं होते हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गांरटी नहीं मिलती है तो वे पीछे नहीं हटेंगे। केंद्र सरकार भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट भी हस्तक्षेप कर चुका है। उम्मीद है कि जल्द कोई हल निकल सकता है, लेकिन फिलहाल किसानों को आशंका है कि आंदोलन लंबा खिंच सकता है। तीनों सीमाओं पर किसानों के समर्थन में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से भी लोग आ रहे हैं। भीड़ ज्यादा होने के कारण अपनों को तलाशने में बाहरी लोगों को परेशानी हो रही है। इसलिए ब्लॉक बनाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
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महिलाओं के लिए अलग ब्लॉक
किसान नेता राजेंद्र सिंह ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर पर फिलहाल आठ ब्लॉक बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए अलग ब्लॉक हैं। उनके ब्लॉक में लगे टेंटों में बिस्तरों की पूरी व्यवस्था की गई है। यदि महिलाएं बाहर से आती हैं तो वहा ठहराया जाता है। टेंट के पास ही शौचालय आदि इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही किसानों को टेंट नंबर भी दिए जाएंगे।
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150 से ज्यादा वॉलंटियर्स संभाल रहे मोर्चा
आंदोलन स्थल पर 150 से अधिक वॉलंटियर्स सेवा दे रहे हैं। उन्हें भी ब्लॉकवार विभाजित करने की तैयारी चल रही है। उनकी ड्यूटी लगाने के लिए चार्ट बनाने की भी तैयारी चल रही है। वहां स्थापित कंट्रोल रूम की सभी ब्लॉक पर नजर रहेगी।
खुद का सुरक्षा घेरा बनाया
धरनास्थल पर जाने के लिए भी कई सुरक्षा चक्र से गुजरना पड़ रहा है। लकड़ी का बैरियर लगाकर वहां तैनात वॉलंटिर्स पूरी तस्दीक करने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति देते हैं। वॉलंटियर सुखविंदर ने बताया कि सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति धरनास्थल पर कोई गड़बड़ी न कर दे।