{"_id":"6a17308a344e23765b0930b6","slug":"with-the-rainy-season-looming-construction-work-on-the-corporations-dilapidated-roads-is-finally-set-to-begin-ghaziabad-news-c-30-gbd1037-895638-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: बारिश सिर पर, अब शुरू होगा निगम की जर्जर सड़कों का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: बारिश सिर पर, अब शुरू होगा निगम की जर्जर सड़कों का निर्माण
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम की जर्जर पड़ी 85 सड़कों का निर्माण कार्य ऐसे समय शुरू होने जा रहा है, जब मानसून आने में करीब एक माह का समय ही बचा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण कार्य कितना समय में पूरा होगा और बारिश शुरू होने के बाद इन सड़कों की गुणवत्ता कितने दिन टिक पाएगी। निगम इन सड़कों के निर्माण पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
तारकोल के दाम बढ़ने के बाद निगम के ठेकेदारों ने करीब डेढ़ माह पहले टेंडर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया था। ठेकेदारों का कहना था कि बढ़ी हुई लागत में काम करना घाटे का सौदा साबित होगा।
इस बीच लोक निर्माण विभाग को शासन स्तर से राहत देते हुए बढ़ी हुई तारकोल दरों का भुगतान अलग से करने के निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर करीब 20 दिन पहले काम शुरू हो गया। वहीं नगर निगम की ओर से शासन को पत्र भेजे जाने के बावजूद ठेकेदारों को ऐसी कोई राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
सोमवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने निगम अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर हर हाल में निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सड़कों का निर्माण गुणवत्तापरक तरीके से कराया जाएगा।
वहीं पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ी हुई लागत का भुगतान कैसे होगा, इस पर अब तक स्पष्टता नहीं है। यदि भुगतान नहीं हुआ तो ठेकेदार घाटे में काम कैसे करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब काम शुरू ही कराना था तो निर्णय लेने में महीनों की देरी क्यों की गई।
मानसून से पहले काम पूरा होने पर संशय
राजनगर एक्सटेंशन निवासी अधिवक्ता विपिन कुमार का कहना है कि मौसम विभाग ने 25 जून तक मानसून आने की संभावना जताई है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए मुश्किल से एक माह का समय बचा है। उनका कहना है कि सड़कें बनने में जितना समय लगेगा, उतने में बारिश शुरू हो जाएगी और फिर सड़कों की स्थिति क्या होगी, यह सभी जानते हैं। ऐसे में 160 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई जा रही सड़कों का जनता को कितना लाभ मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
तारकोल के दाम बढ़ने के बाद निगम के ठेकेदारों ने करीब डेढ़ माह पहले टेंडर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया था। ठेकेदारों का कहना था कि बढ़ी हुई लागत में काम करना घाटे का सौदा साबित होगा।
विज्ञापन
इस बीच लोक निर्माण विभाग को शासन स्तर से राहत देते हुए बढ़ी हुई तारकोल दरों का भुगतान अलग से करने के निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर करीब 20 दिन पहले काम शुरू हो गया। वहीं नगर निगम की ओर से शासन को पत्र भेजे जाने के बावजूद ठेकेदारों को ऐसी कोई राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
सोमवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने निगम अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर हर हाल में निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सड़कों का निर्माण गुणवत्तापरक तरीके से कराया जाएगा।
वहीं पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ी हुई लागत का भुगतान कैसे होगा, इस पर अब तक स्पष्टता नहीं है। यदि भुगतान नहीं हुआ तो ठेकेदार घाटे में काम कैसे करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब काम शुरू ही कराना था तो निर्णय लेने में महीनों की देरी क्यों की गई।
मानसून से पहले काम पूरा होने पर संशय
राजनगर एक्सटेंशन निवासी अधिवक्ता विपिन कुमार का कहना है कि मौसम विभाग ने 25 जून तक मानसून आने की संभावना जताई है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए मुश्किल से एक माह का समय बचा है। उनका कहना है कि सड़कें बनने में जितना समय लगेगा, उतने में बारिश शुरू हो जाएगी और फिर सड़कों की स्थिति क्या होगी, यह सभी जानते हैं। ऐसे में 160 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई जा रही सड़कों का जनता को कितना लाभ मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।