{"_id":"5824abc84f1c1ba16fb3985a","slug":"will-monkey-district-badr-dog-will-be-inside-the-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदर होंगे ‘जिला बदर’...कुत्ते रहेंगे शहर के अंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदर होंगे ‘जिला बदर’...कुत्ते रहेंगे शहर के अंदर
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 10 Nov 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
बंदरों का आतंक
- फोटो : अमर उजाला
कुत्तों और बंदरों के आतंक से शहर के लोगों को जल्द ही निजात मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन से बंधा नगर निगम कुत्तों को तो शहर के अंदर ही रहने देगा। उनके लिए श्वान आश्रम बनाएगा, लेकिन बंदरों को कलंदरों से पकड़वाकर जिले से बाहर करेगा। बृहस्पतिवार को नगर निगम के सदन ने इस प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी है।
विज्ञापन
अब जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।दरअसल, शहर में कुत्तों और बंदरों का आतंक है। बीते एक साल में बंदरों की वजह से दो मौतें और कई लोग घायल हो चुके हैं। कुत्ते भी आए दिन बुजुर्गाें और बच्चों को शिकार बना रहे हैं। इंदिरापुरम में कुत्तों के आतंक से परेशान लोग निगम का घेराव तक कर चुके हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को हुई बोर्ड बैठक में करीब 20-25 मिनट इसी विषय पर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का हवाला देकर कुत्तों को री लोकेट करने पर आपत्ति जताई गई तो सदन ने एक राय होकर प्रस्ताव पास किया। सदन ने तय किया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए शहर में सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो-तीन एनजीओ को कांट्रेक्ट दिया जाएगा।
विज्ञापन
हर जोन में अलग-अलग कांट्रेक्ट होगा। आक्रामक हो चुके कुत्तों को कालोनियों से बाहर श्वान आश्रम में रखा जाएगा। इसके लिए हिंडन विहार में श्वान आश्रम का निर्माण प्रस्तावित किया गया। उधर बंदरों को वन विभाग से अनुमति लेकर पकड़वाया जाएगा। उन्हें गढ़ क्षेत्र के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
महापौर अशु वर्मा ने कहा कि शहर की जनता को बंदरों और कुत्तों के बीच फंसते हुए नहीं देख सकते। उन्हें इससे निजात दिलाएंगे, फिर चाहे इसके लिए मेनका गांधी के पास जाना पड़े या सुप्रीम कोर्ट।