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Water Crisis : खोड़ा में पानी के लिए घर छोड़कर जा रहे हैं लोग, 500 फुट तक गिरा भूजल स्तर, मिल रहा है 'लाल पानी

Thu, 13 Oct 2022 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा प्रिया पंवार, खोड़ा
प्रिया पंवार, खोड़ा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 13 Oct 2022 06:37 AM IST
सार

Water Crisis:  14 किलोमीटर में फैले खोड़ा कस्बे की 12 लाख की आबादी पानी के भीषण संकट से जूझ रही है। आलम यह है कि भूजल स्तर 500 फुट तक गिर चुका है। इस पर भी जो पानी मिल रहा है, वह रेतीला और लाल रंग का है। इस समस्या से परेशान होकर लोग घर छोड़कर आसपास के इलाकों में जा रहे हैं।

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Water Crisis: People leaving home of Khoda because of water crisis
demo pic... - फोटो : amar ujala

विस्तार

14 किलोमीटर में फैले खोड़ा कस्बे की 12 लाख की आबादी पानी के भीषण संकट से जूझ रही है। आलम यह है कि भूजल स्तर 500 फुट तक गिर चुका है। इस पर भी जो पानी मिल रहा है, वह रेतीला और लाल रंग का है। इस समस्या से परेशान होकर लोग घर छोड़कर आसपास के इलाकों में जा रहे हैं। पिछले चार साल में अकेले वंदना एंक्लेव से 50 परिवार जा चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका पानी का इंतजाम नहीं कर रही है।

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नगर पालिका का सिर्फ एक नलकूप काम कर रहा है। इससे महज दो वार्ड में पानी की आपूर्ति की जा रही है। बाकी सभी जगह लोग पानी का इंतजाम खुद कर रहे हैं। सबमर्सिबल लगवाने में छह से सात लाख का खर्च आ रहा है। ऐसे में कई परिवार मिलकर एक सबमर्सिबल लगवाते हैं। पास के नोएडा और इंदिरापुरम में गंगाजल की आपूर्ति है लेकिन खोड़ा के लोगों को पानी के लिए बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। 
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खोड़ा के वार्ड नंबर 9 के  प्रकाश नगर की गली नंबर 4 में रहने वाले अशोक तोमर ने बताया कि उन्होंने करीब 500 फुट नीचे सबमर्सिबल कराया है। जिसमें सुबह-शाम लाल पानी आता है, जिसे आरओ से फिल्टर किया जाता है। इसके बाद भी यह पूरी तरह से स्वच्छ नहीं होता है। करीब एक घंटे मोटर चलाने के बाद थोड़ा ठीक पानी आता है। 
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घर छोड़ने वालों की गिनती भी नहीं : रणवीर सिंह खोड़ा के वंदना एंक्लेव में 1995 से स्थानीय निवासी हैं। वह बताते हैं कि पिछले चार-पांच सालों से खोड़ा में पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इस वजह से लोग घर को बेचकर कहीं दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इनमें हरभजन सिंह, गोपाल दत्त, रमेश कुमार, सलेष सिंह, प्रेमचंद, नामधारी, लल्लन, छोटू समेत अन्य परिवार शामिल हैं। 

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