गाजियाबाद। पशु चिकित्सा विभाग ने पशु गणना में कुत्तों की गणना को भी शामिल कर लिया है। एक सितंबर से शुरू हुए इस अभियान में पहली बार कुत्तों की भी गणना की जा रही है। पांच साल पहले 2019 में पशु गणना हुई थी। जिसमें गाय, भैंस, बकरी, ऊंट सभी शामिल थे लेकिन, कुत्तों की गणना नहीं की गई थी।पशु गणना के लिए 95 टीमों का गठन किया गया है। शहरी क्षेत्र में गणना करने के लिए 45 और ग्रामीण क्षेत्र में 50 कर्मी लगाए गए हैं। इसके अलावा 27 सुपरवाइजर की भी ड्यूटी लगाई है, जो पशु गणना करने वाले कर्मियों की मॉनिटरिंग करेंगे। जिला पंचायती राज विभाग, नगर विकास विभाग भी इसमें सहयोग करेगा।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.एसपी पांडेय ने बताया कि यह गणना एक सितंबर से शुरू हुई है और 31 दिसंबर तक चलेगी। निराश्रित कुत्तों सहित 16 प्रकार के पशुओं की गणना होगी, जिसमें गाय, भैंस, ऊंट, बकरी, सूअर, गधा, भेड़, खच्चर, घोड़ा, मुर्गी, याक, हाथी, खरगोश, मिथुन आदि पशु शामिल हैं। पशुओं की उम्र, पालने वाले के आधार कार्ड, पशुपालक की आर्थिक स्थिति, पशुपालक का प्रकार लघु, मध्यम या वृहद कृषक है। उसके आय के अन्य क्या-क्या साधन है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी। पशुओं की मौके पर ही टैगिंग कर भारत पशुधन एप पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीनेशन की जो योजनाएं बनती हैं, उसमें पशुगणना काफी मददगार होती है।