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वसुंधरा में क्लोरीन गैस का रिसाव से हड़कंप, 21 लोग बेहोश
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:34 AM IST
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chlorine gas
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-5 में जलकल कंपाउंड से सेंट्रल वॉटर रिसर्वायर (सीडब्ल्यूआर) में रखे क्लोरीन के सिलेंडर में रिसाव से शनिवार की शाम 21 लोग बेहोश हो गए। क्लोरीन लीकेज से जलकल कंपाउंड की दीवार से लगी आदित्य सनटेक सोसायटी में हड़कंप मच गया।
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यहां स्वीमिंग पूल में नहा रहे चार बच्चों समेत वहां मौजूद तीन महिलाएं बेहोश हो गई। लीकेज के दौरान कंपाउंड में मौजूद तीन नगर निगम कर्मचारियों के अलावा लीकेज रोकने आए 11 फायरकर्मी भी बेहोश हो गए। सभी को शांति गोपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की है। वसुंधरा सेक्टर-5 के जलकल कंपाउंड में तीन नगर निगम कर्मचारी बोरिंग का काम कर रहे थे। यहां पर क्लोरीन का एक सिलेंडर भी पड़ा हुआ था, जिसके नोजल में खराबी आने से गैस लीक हो गई।
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सिलेंडर का लीकेज बंद करने की कोशिश में नगर निगम कर्म्रचारी धमेंद्र, योगेश और शंकर बेहोश हो गए। जलकल कंपाउंड से लगी आदित्य सनटेक सोसायटी में भी गैस जा पहुंची। जहां स्वीमिंग पूल में नहा रहे विधि (10), लक्ष्य (07), आदित्य (10) और सोहम (10) बेहोश हो गए।
स्वीमिंग पूल एरिया में मौजूद महिलाएं रीना, बबली और रचना भी गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गई। सोसायटी में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। महिलाओं और बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। करीब सवा छह बजे पुलिस पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर रेजिडेंट्स ने शिकायत की, जिसके बाद शाम सात बजे वैशाली और साहिबाबाद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। गैस लीक हो रहा था।
फायर ब्रिगेड कर्मी जलकल कंपाउंड में सिलेंडर का लीकेज बंद करने पहुंचे लेकिन गैस की चपेट में आकर फायरकर्मी जोंगेंद्र सिंह, नानक, रोहताश, वीरेंद्र, संजेश, घमंडी सिंह, राधेश्याम, संजय, जितेंद्र कुमार रवींद्र और निर्दोश भी बेहोश हो गए।
अन्य फायरकर्मियों ने साथियों को निकाला गया और शांति गोपाल अस्पताल ले जा गया। नगर निगम कर्मचारियों भी निकाला गया और उन्हें वसुंधरा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फायर कर्मियों में से राधेश्याम, संजय, जितेंद्र, रवींद्र और निर्दोंश को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि बाकी अस्पताल में भर्ती हैं। शांति गोपाल अस्पताल में फायर कर्मी जोगेंद्र और स्वीमिंग पूल के पास मौजूद बबली आईसीयू में भर्ती हैं।
सिलेंडर डिफ्यूज करने में फायर कर्मी चपेट में आए मौके पर पहुंचते ही फायरकर्मियों ने सबसे पहले लीक हो रहे क्लोरीन के सिलेंडर को डिफ्यूज करना शुरू किया लेकिन लीकेज इतना ज्यादा कि सभी क्लोरीन की चपेट में आ गए।
सिलेंडर का लीकेज बंद करने के दौरान सभी के शरीर में सांस के जरिए गैस चली गई और बेहोश गए।
नगर निगम ने पानी में डालकर डिफ्यूज किया सिलेंडर
नगर निगम के अवर अभियंता योंगेंद्र यादव ने बताया कि रात करीब आठ बजे सिलेंडर को पूरी तरह डिफ्यूज किया जा सका। क्लोरीन गैस पानी में मिलते ही घुल जाती है।
सिलेंडर में करीब 35 किलो गैस थी और सीडब्ल्यूआर में पानी से बैक्टीरिया खत्म करने के काम में आता है। पानी भरकर एक ड्रम मंगाया और उसने सिलेंडर को डालकर लीकेज बंद किया जा सका।
हवा में घुली गैस, काफी लोगों को सांस लेने में दिक्कत और उल्टी सीधा गैस के संपर्क में आने वाले आसपास के लोग बेहोश गए लेकिन हवा में काफी मात्रा में गैस घुली होने से आदित्य सनटेक सोसायटी समेत आसपास के अन्य घरों और सोसायटी में भी लोगों पर क्लोरीन गैस का प्रभाव देखा गया।
लोगों को सांस लेने में दिक्कत के साथ ही मचली और उल्टी लगी। जिसके बाद वे डॉक्टर के पास पहुंचे। रात 12 बजे तक भी हवा में क्लोरीन का प्रभाव था।
रेजिडेंट बच्चों और महिलाओं को अस्पताल लेकर गए शाम करीब साढ़े छह बजे बच्चों और महिलाओं को सोसायटी के रेजिडेंट्स ही शांति गोपाल अस्पताल लेकर पहुंचे।
जिसके बाद उनका उपचार शुरू हुआ। विधि, आदित्य और सोहम के साथ ही रचना को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई। बबली आईसीयू में और रीना इमरजेंसी में भर्ती हैं।
जानलेवा नहीं है क्लोरीन
शांति गोपाल अस्पताल के डा. आशु ने बताया कि क्लोरीन जानलेवा नहीं है। सांस लेने में दिक्कत, उल्टी, आंखों में जलन, बेहोशी हो सकती है। किसी की जान नहीं जा सकती हैं।