{"_id":"5759c0214f1c1b23379c5f4b","slug":"unemployment-is-the-best-guard","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेरोजगारी से अच्छी है चौकीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेरोजगारी से अच्छी है चौकीदारी
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
नौकरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीए, एमए पास युवा अब कस्तूरबा गांधी विद्यालय की चौकीदारी करेंगे। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में चौकीदार के पद के लिए साक्षात्कार में पहुंचे युवाओं की योग्यता देखकर तो यही लगता है। इन युवाओं का कहना था कि जब कहीं नौकरी मिल नहीं रही तो बेरोजगारी से अच्छा चौकीदारी करना ही है।
आठवीं पास योग्यता वाले पद और पांच हजार रुपये की नौकरी के एक पद के लिए 36 आवेदन आए हैं। साक्षात्कार देने पहुंचे युवाओं में कुछ के पास पॉलीटेक्निक और आईटीआई का डिप्लोमा भी था।
गोरखपुर, अलवर, सहारनपुर, बलिया समेत अन्य कई जनपदों से युवक बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए डा. प्रवेश यादव ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय लोनी में चौकीदार पद की एक वेकेंसी है।
विज्ञापन
इसके लिए विज्ञापन निकाला गया था। नौकरी के लिए 35 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें 20 से अधिक इंटर पास हैं। फरीदाबाद से इंटरव्यू देने पहुंचे मिथलेश चौबे ने बताया कि वह बीए पास हैं और कई साल से बेरोजगार हैं।
ऐसे में सरकारी नौकरी की वेकेंसी देखकर वह साक्षात्कार में पहुंचे हैं। गोरखपुर से आए शहरयार खान ने बताया कि वह हिंदी से एमए हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से अच्छा तो चौकीदारी है। अलवर के अरुण कुमार भी बीए पास हैं। अरुण ने कहा कि कुछ भी न होने से तो अच्छा है पांच हजार की सरकारी नौकरी परमानेंट तो रहेगी।
दस बजे से था इंटरव्यू, शुरू हुआ दोपहर एक बजे
चौकीदार पद के लिए सुबह दस से साक्षात्कार का समय था। साक्षात्कार की चार सदस्यीय समिति में डायट प्राचार्य, बीएसए, डीएसटीओ और जीजीआईसी की प्रिंसिपल शामिल थीं। चयन समिति के सदस्यों के देरी से पहुंचने और सपा नेता के साथ बैठक के चलते जब दोपहर साढ़े बारह बजे तक भी इंटरव्यू शुरू नहीं हुआ तो अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की तब जाकर दोपहर एक बजे साक्षात्कार शुरू किया गया।
विज्ञापन
आठवीं पास योग्यता वाले पद और पांच हजार रुपये की नौकरी के एक पद के लिए 36 आवेदन आए हैं। साक्षात्कार देने पहुंचे युवाओं में कुछ के पास पॉलीटेक्निक और आईटीआई का डिप्लोमा भी था।
विज्ञापन
गोरखपुर, अलवर, सहारनपुर, बलिया समेत अन्य कई जनपदों से युवक बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए डा. प्रवेश यादव ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय लोनी में चौकीदार पद की एक वेकेंसी है।
विज्ञापन
इसके लिए विज्ञापन निकाला गया था। नौकरी के लिए 35 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें 20 से अधिक इंटर पास हैं। फरीदाबाद से इंटरव्यू देने पहुंचे मिथलेश चौबे ने बताया कि वह बीए पास हैं और कई साल से बेरोजगार हैं।
ऐसे में सरकारी नौकरी की वेकेंसी देखकर वह साक्षात्कार में पहुंचे हैं। गोरखपुर से आए शहरयार खान ने बताया कि वह हिंदी से एमए हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से अच्छा तो चौकीदारी है। अलवर के अरुण कुमार भी बीए पास हैं। अरुण ने कहा कि कुछ भी न होने से तो अच्छा है पांच हजार की सरकारी नौकरी परमानेंट तो रहेगी।
दस बजे से था इंटरव्यू, शुरू हुआ दोपहर एक बजे
चौकीदार पद के लिए सुबह दस से साक्षात्कार का समय था। साक्षात्कार की चार सदस्यीय समिति में डायट प्राचार्य, बीएसए, डीएसटीओ और जीजीआईसी की प्रिंसिपल शामिल थीं। चयन समिति के सदस्यों के देरी से पहुंचने और सपा नेता के साथ बैठक के चलते जब दोपहर साढ़े बारह बजे तक भी इंटरव्यू शुरू नहीं हुआ तो अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की तब जाकर दोपहर एक बजे साक्षात्कार शुरू किया गया।