फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Two-month grace period ineffective; coaching centers failed to submit reports on compliance with standards

Ghaziabad News: दो महीने की मोहलत बेअसर, कोचिंग सेंटरों ने नहीं दी मानक पूरे करने की रिपोर्ट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
Two-month grace period ineffective; coaching centers failed to submit reports on compliance with standards
अंकित तिवारी
विज्ञापन

गाजियाबाद। लखनऊ में आग की घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के नाम पर की गई कवायद दो महीने बाद भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जीडीए ने जिले में 67 कोचिंग सेंटरों को दो महीने के भीतर मानक पूरे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। आठ सिंतबर को यह समयसीमा पूरी हो गई, लेकिन किसी भी कोचिंग सेंटर ने जीडीए को मानक पूरे करने की जानकारी नहीं दी है।
जीडीए के सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि अभी तक किसी कोचिंग सेंटर की तरफ से मानक पूरे करने के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। दो महीने की समयसीमा पूरी हो चुकी है। अब इस संबंध में जांच शुरू कर सेंटर संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन

----
अग्निशमन विभाग के पास सिर्फ चार आवेदन पहुंचे
जीडीए ने सभी कोचिंग संचालकों को संसाधन दुरुस्त करने के साथ अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के निर्देश दिए थे। दूसरी तरफ, सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि एक मंजिल पर चल रहे संस्थानों को फायर एनओसी देने का प्रावधान नहीं है। पूरे भवन के पास एनओसी है तो संस्थान अपने संसाधन दुरुस्त कर सूचना देकर मंजूरी ले सकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के चार मामले विभाग के पास आए हैं और इनकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
मानक पूरे किए, लेकिन भवन की एनओसी नहीं
कोचिंग सेंटर संचालक भी नियमों के बीच फंसे हैं। नाम न बताने की शर्त पर गोविंदपुरम के एक कोचिंग संचालक ने बताया कि उनका सेंटर पहली मंजिल पर है। उन्होंने सेंटर में सभी जरूरी संसाधन लगा दिए हैं। जानकारी करने पर पता चला कि पूरी बिल्डिंग के पास एनओसी नहीं है। इस कारण उनके सेंटर को भी मंजूरी नहीं मिल रही है। संचालक का कहना है कि शहर के बहुत से भवनों में आपदा निकास की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उपलब्ध स्थान पर ही कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। अब सवाल यह है कि ऐसा भवन कहां तलाशें, जहां सभी नियमों और मानकों का पालन हो सके।

---
यह है मामला
लखनऊ के अलीगंज में 23 जून को एक भवन में आग लगने के बाद वहां कोचिंग और एनीमेशन कोर्स के लिए 15 छात्रों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर जिले भर में अभियान चलाकर 67 कोचिंग सेंटरों को मानक के अनुरूप नहीं चलने पर सील किया था। इसके बाद कुछ अभिभावकों और संचालकों ने पढ़ाई प्रभावित होने की बात कर कोचिंग सेंटर खोलने की अपील की थी। इसके बाद 8 जुलाई को प्राधिकरण ने दो महीने में आग हादसे से बचाव की व्यवस्था कर अग्निशमन विभाग से एनओसी और आपात निकास की व्यवस्था कर दो महीने में जानकारी देने के लिए कहा था। हालांकि समय सीमा के पूरा होने के बाद किसी ने यह रिपोर्ट प्राधिकरण को नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed