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Ghaziabad News: 40 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं दो युवतियां
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राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर सिटी दो सोसायटी की खराब हुई लिफ्ट। स्रोत: जागरूक पाठक
गाजियाबाद। ऑफिसर सिटी-2 के ए ब्लॉक में रविवार शाम सातवीं मंजिल से भूतल पर जा रही लिफ्ट पहली मंजिल पर अचानक रुक गईं। युवतियों ने इंटरकॉम का बटन दबाया लेकिन वह काम नहीं किया। इसके बाद दोनों ने लिफ्ट का दरवाजा अंदर से पीटना शुरू किया। करीब 35 मिनट तक दरवाजा पीटने के बाद पहले फ्लोर पर लिफ्ट पकड़ने आए एक निवासी को आवाज सुनाई दी। अन्य निवासियों को इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंच गए। इलेक्ट्रीशियन ने दरवाजा खोला। इसके बाद दोनों बाहर निकलीं। करीब 40 मिनट तक फंसे रहने के बाद दोनों काफी घबराई थीं।
सोसायटी में सातवें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 701 में अनिल कुमार वर्मा परिवार के साथ रहते हैं। रविवार को शाम करीब छह बजे उनकी बेटी तरंग अपने रिश्तेदार खुशी के साथ परिसर में नीचे जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुईं। लिफ्ट अपर ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के बीच जाकर रुक गई। तरंग ने बताया कि पांच मिनट तक दोनों को समझ में नहीं आया कि लिफ्ट क्यों रुक गई। उन्होंने इंटरकॉम का बटन दबाया लेकिन वह काम नहीं किया। इसके बाद मोबाइल मिलाया लेकिन नेटवर्क नहीं था। दोनों ने दरवाजा पीटना शुरू किया लेकिन करीब बाहर से कोई जवाब नहीं मिला। तरंग ने बताया कि 20 मिनट के बाद जैसे लगा कि दम घुट जाएगा। खुशी भी काफी घबरा गई। यदि पांच मिनट और देर हुई होती तो शायद बेहोश हो जाते।
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परिजन पहुंचे मेंटेनेंस दफ्तर तो मैनेजर निकल गया
खुशी के भाई साहिल ने बताया कि वह मेटेनेंस दफ्तर शिकायत लेकर पहुंचे तो मेटेंनेस मैनेजर वहां से चला गया। फोन करने पर फोन भी नहीं उठाया। पिता अनिल कुमार ने बताया कि सोसायटी में लगी लिफ्टों की हालत ठीक नहीं है। आए दिन लिफ्टों में लोग फंस रहे हैं।
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सोसायटी निवासी गौरव ने बताया कि रविवार को एक सर्विस लिफ्ट भी बंद रही लोगों को सामान लेकर जीने से जाना पड़ा। उनका कहना है कि लिफ्टों की मेटेंनेस समय से नहीं कराई जाती है, जिस वजह से यह दिक्कत आ रही है।
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थाने में दी शिकायत
अनिल कुमार ने बताया कि नंदग्राम थाने में शिकायत दी गई है। मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिस ने मेंटेनेंस विभाग के कर्मियों का बुलाया है। थाने में सोसायटी के कई लोग पहुंचे।
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सोसायटी में सातवें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 701 में अनिल कुमार वर्मा परिवार के साथ रहते हैं। रविवार को शाम करीब छह बजे उनकी बेटी तरंग अपने रिश्तेदार खुशी के साथ परिसर में नीचे जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुईं। लिफ्ट अपर ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के बीच जाकर रुक गई। तरंग ने बताया कि पांच मिनट तक दोनों को समझ में नहीं आया कि लिफ्ट क्यों रुक गई। उन्होंने इंटरकॉम का बटन दबाया लेकिन वह काम नहीं किया। इसके बाद मोबाइल मिलाया लेकिन नेटवर्क नहीं था। दोनों ने दरवाजा पीटना शुरू किया लेकिन करीब बाहर से कोई जवाब नहीं मिला। तरंग ने बताया कि 20 मिनट के बाद जैसे लगा कि दम घुट जाएगा। खुशी भी काफी घबरा गई। यदि पांच मिनट और देर हुई होती तो शायद बेहोश हो जाते।
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परिजन पहुंचे मेंटेनेंस दफ्तर तो मैनेजर निकल गया
खुशी के भाई साहिल ने बताया कि वह मेटेनेंस दफ्तर शिकायत लेकर पहुंचे तो मेटेंनेस मैनेजर वहां से चला गया। फोन करने पर फोन भी नहीं उठाया। पिता अनिल कुमार ने बताया कि सोसायटी में लगी लिफ्टों की हालत ठीक नहीं है। आए दिन लिफ्टों में लोग फंस रहे हैं।
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सोसायटी निवासी गौरव ने बताया कि रविवार को एक सर्विस लिफ्ट भी बंद रही लोगों को सामान लेकर जीने से जाना पड़ा। उनका कहना है कि लिफ्टों की मेटेंनेस समय से नहीं कराई जाती है, जिस वजह से यह दिक्कत आ रही है।
थाने में दी शिकायत
अनिल कुमार ने बताया कि नंदग्राम थाने में शिकायत दी गई है। मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिस ने मेंटेनेंस विभाग के कर्मियों का बुलाया है। थाने में सोसायटी के कई लोग पहुंचे।