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Ghaziabad News: खोड़ा से साइबर ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार
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खोड़ा। लाइफ टाइम क्रेडिट कार्ड बनाने का लालच देकर लोगों के साथ ठगी करने वाले दो आरोपियों को यूपी एसटीएफ की टीम ने ट्रांस हिंडन के खोड़ा इलाके से शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इनमें बुलंदशहर के अरनियां थानाक्षेत्र के रूदरी निवासी नागेश राघव और पंकज हैं। दोनों लाइफ टाइम निशुल्क क्रेडिट कार्ड बनाने का झांसा देकर लोगों से उनके बैंक खाते की जानकारी लेते थे। इसके बाद झारखंड में बैठे अपने तीसरे साथी के साथ मिलकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। एसटीएफ आगरा के अपर पुलिस आयुक्त राकेश के निर्देश पर खोड़ा में बैठे दोनों ठगों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने अब उनके तीसरे साथी की तलाश में जुटी है। वहीं आरोपियों के पास से पुलिस ने लैपटाप,आधार कार्ड, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड व कुछ नकदी भी बरामद की है।
एसटीएफ आगरा के निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को वंदना विहार खोड़ा से दोनों को गिरफ्तार किया गया। बताया कि नागेश और पंकज दोनों बैंक अधिकारी बनकर लोगों को लाइफ टाइम निशुल्क क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए लोगों को फोन करते थे। जो लोग क्रेडिट कार्ड पहले से रखते थे, उनकी पूरी जानकारी लेकर आरोपी अपने झारखंड में बैठे तीसरे साथी को भेजते थे। इसके बाद तीसरा साथी मिली जानकारी से नकली क्रेडिट कार्ड बनाकर बैंक खाते से रुपये निकालना और खरीददारी करने का काम करता। एसटीएफ आगरा की टीम लंबे समय से आरोपियों के पीछे थी। शुक्रवार को टीम को सफलता मिली। पूछताछ में दोनों युवकों की मदद करने वाले आगरा के राघवेंद्र परिमार का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा निवासी अज्ञात साइबर ठग समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
वीडियो कॉल पर केवाईसी का देते थे हवाला
साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए दोनों आरोपी पहले यह जानकारी हासिल करते थे कि जिस व्यक्ति को उन्होंने कॉल की है, वह पहले से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है या नहीं। अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति जाल में फंसता है, तब उसे वीडियो कॉल पर बुलाकर केवाईसी के बहाने पूरे दस्तावेजों की जानकारी हासिल करते थे। वहीं, क्रेडिट कार्ड का फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को आकर्षित करते थे।
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फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई, आगरा के साथी ने की मदद
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने फेसबुकर पर अभिषेक कुमार, प्रवीन, मनोज कुमार, राहुल सिंह और मनोज कुमार के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने का विज्ञापन डाला था। वर्तमान में उन्होंने सिराज खान नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई थी। जिसके माध्यम से वह साइबर ठगी के लिए विज्ञापन साझा कर रहे थे। इस काम में उनका आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के शेरखान निवासी राघवेंद्र परिमार मदद कर रहा था। आरोपियों ने उसे करीब 15-10 अलग-अलग कंपनी के फर्जी आईडी से खरीदे गए सिम कार्ड भी मुहैया कराए थे। इन नंबरों से फर्जी फेसबुक आईडी, फोन कॉल और वीडियो कॉल करके लोगों को केवाईसी के नाम पर जानकारी मांगने में इस्तेमाल करते थे।
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एसटीएफ आगरा के निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को वंदना विहार खोड़ा से दोनों को गिरफ्तार किया गया। बताया कि नागेश और पंकज दोनों बैंक अधिकारी बनकर लोगों को लाइफ टाइम निशुल्क क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए लोगों को फोन करते थे। जो लोग क्रेडिट कार्ड पहले से रखते थे, उनकी पूरी जानकारी लेकर आरोपी अपने झारखंड में बैठे तीसरे साथी को भेजते थे। इसके बाद तीसरा साथी मिली जानकारी से नकली क्रेडिट कार्ड बनाकर बैंक खाते से रुपये निकालना और खरीददारी करने का काम करता। एसटीएफ आगरा की टीम लंबे समय से आरोपियों के पीछे थी। शुक्रवार को टीम को सफलता मिली। पूछताछ में दोनों युवकों की मदद करने वाले आगरा के राघवेंद्र परिमार का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा निवासी अज्ञात साइबर ठग समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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वीडियो कॉल पर केवाईसी का देते थे हवाला
साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए दोनों आरोपी पहले यह जानकारी हासिल करते थे कि जिस व्यक्ति को उन्होंने कॉल की है, वह पहले से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है या नहीं। अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति जाल में फंसता है, तब उसे वीडियो कॉल पर बुलाकर केवाईसी के बहाने पूरे दस्तावेजों की जानकारी हासिल करते थे। वहीं, क्रेडिट कार्ड का फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को आकर्षित करते थे।
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फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई, आगरा के साथी ने की मदद
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने फेसबुकर पर अभिषेक कुमार, प्रवीन, मनोज कुमार, राहुल सिंह और मनोज कुमार के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने का विज्ञापन डाला था। वर्तमान में उन्होंने सिराज खान नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई थी। जिसके माध्यम से वह साइबर ठगी के लिए विज्ञापन साझा कर रहे थे। इस काम में उनका आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के शेरखान निवासी राघवेंद्र परिमार मदद कर रहा था। आरोपियों ने उसे करीब 15-10 अलग-अलग कंपनी के फर्जी आईडी से खरीदे गए सिम कार्ड भी मुहैया कराए थे। इन नंबरों से फर्जी फेसबुक आईडी, फोन कॉल और वीडियो कॉल करके लोगों को केवाईसी के नाम पर जानकारी मांगने में इस्तेमाल करते थे।