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Ghaziabad News: दस हजार रुपये की रिश्वत लेते यातायात दरोगा गिरफ्तार
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कौशांबी। यातायात विभाग के ट्रांस हिंडन में तैनात दरोगा हरिओम राजपूत को एंटी करप्शन की टीम ने ऑटो रिक्शा चालक से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा ऑटो रिक्शा चलाने के लिए चालकों से पांच हजार रुपये प्रतिमाह लेता था। बार-बार रिश्वत देने और विरोध पर गाड़ी सीज तो कभी चालान करने की धमकी से परेशान खोड़ा निवासी रविंद्र गुप्ता और नितिन गुप्ता ने इसकी शिकायत मेरठ स्थित एंटी करप्शन कार्यालय में की। शुक्रवार को यूपी गेट पर तैनात दरोगा हरिओम राजपूत को टीम ने रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। दरोगा के खिलाफ कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही निलंबन के लिए भी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी गई है।
खोड़ा निवासी नितिन गुप्ता ने बताया कि वह पांच ऑटो रिक्शा चलवाते हैं। इसमें से एक रिक्शा वह खुद भी चलाते हैं। आरोप है कि पिछले एक साल से ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर हरिओम राजपूत ऑटो रिक्शा चलाने के एवज में रुपयों की वसूली कर रहे थे। हर महीने पांच हजार रुपये बांध रखा था। आरोप है कि पिछले एक साल में वह करीब 50-60 हजार रुपये बतौर रिश्वत दे चुके थे। बताया कि पानी सिर से ऊपर हो चुका था। दिसंबर माह में भी रिश्वत देने के लिए दरोगा ने उन्हें टोका था और न देने पर कार्रवाई करने की धमकी दी थी। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैफिक दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं एडीसीपी ट्रैफिक पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि दरोगा हरिओम राजपूत के खिलाफ विभागीय कार्रवाई बतौर निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
जहां ड्यूटी वहां कमाई
दरोगा हरिओम राजपूत की लंबे समय से ट्रांस हिंडन में ड्यूटी थी। आरोप है कि जहां-जहां उनका ड्यूटी प्वाइंट होता था वहां-वहां वह रिश्वत का खेल खेलते थे। कई ऑटो रिक्शा चालक इसकी वजह से परेशान थे। हर ड्यूटी प्वाइंट पर उन्होंने रिश्वत की तारीख और वाहनों को तय कर लिया था। प्रति माह पांच हजार रुपये की डिमांड भी तय थी। ट्रैफिक दरोगा के गिरफ्तार होने के बाद विभागीय जांच में और भी चीजें सामने आ सकती हैं।
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खोड़ा निवासी नितिन गुप्ता ने बताया कि वह पांच ऑटो रिक्शा चलवाते हैं। इसमें से एक रिक्शा वह खुद भी चलाते हैं। आरोप है कि पिछले एक साल से ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर हरिओम राजपूत ऑटो रिक्शा चलाने के एवज में रुपयों की वसूली कर रहे थे। हर महीने पांच हजार रुपये बांध रखा था। आरोप है कि पिछले एक साल में वह करीब 50-60 हजार रुपये बतौर रिश्वत दे चुके थे। बताया कि पानी सिर से ऊपर हो चुका था। दिसंबर माह में भी रिश्वत देने के लिए दरोगा ने उन्हें टोका था और न देने पर कार्रवाई करने की धमकी दी थी। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैफिक दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं एडीसीपी ट्रैफिक पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि दरोगा हरिओम राजपूत के खिलाफ विभागीय कार्रवाई बतौर निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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जहां ड्यूटी वहां कमाई
दरोगा हरिओम राजपूत की लंबे समय से ट्रांस हिंडन में ड्यूटी थी। आरोप है कि जहां-जहां उनका ड्यूटी प्वाइंट होता था वहां-वहां वह रिश्वत का खेल खेलते थे। कई ऑटो रिक्शा चालक इसकी वजह से परेशान थे। हर ड्यूटी प्वाइंट पर उन्होंने रिश्वत की तारीख और वाहनों को तय कर लिया था। प्रति माह पांच हजार रुपये की डिमांड भी तय थी। ट्रैफिक दरोगा के गिरफ्तार होने के बाद विभागीय जांच में और भी चीजें सामने आ सकती हैं।
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