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Ghaziabad News: तीन और दवाएं मिलीं अधोमानक
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गाजियाबाद। मोदीनगर के गोविंदपुरी इलाके में औषधि विभाग और मोदीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 80 लाख की नकली दवाएं पकड़ी गई थीं, जिसमें से लिए गए तीन और सैंपल की रिपोर्ट बुधवार को विभाग के पास आ गई हैं। रिपोर्ट में तीनों दवाएं अधोमानक पाई गई हैं। जांच के लिए 14 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से तीन की रिपोर्ट पहले आ गई थीं और बाकी तीन की रिपोर्ट बुधवार को मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी और आरोपी के पिता को बेल मिल चुकी है।
औषधि विभाग के अनुसार तीनों दवाएं आधोमानक हैं, इससे पहले तीन सैंपल की रिपोर्ट आई थी जो नकली पाई गई थीं। अभी भी आठ और सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। रोजुवास टेबलेट के दो टैबलेट और आइसोट्रोइन टेबलेट की रिपोर्ट अधोमानक है। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि इन दवाओं का मिश्रण मानक के अनुरूप कम पाया गया है।
छापेमारी के दौरान नकली दवाइयों का काम करने वाला मास्टर माइंड रवि कुमार फरार हो गए थे और उनके पिता रुपचंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर दवाइयों का स्टॉक मिला था। इन दवाइयों का ना तो कई लाइसेंस था और न ही इनका कोई रिकार्ड पाया गया। गिरोह नकली दवाओं को व्यापक स्तर पर थोक विक्रेता तथा फुटकर दुकानदारों को सप्लाई कर रहा था। गिरोह बड़े स्तर पर सात ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयां बनाकर बेचते थे। कार्रवाई के औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा, राजकुमार सहित अन्य लोग देर रात तक कार्रवाई में लगे थे।
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औषधि विभाग के अनुसार तीनों दवाएं आधोमानक हैं, इससे पहले तीन सैंपल की रिपोर्ट आई थी जो नकली पाई गई थीं। अभी भी आठ और सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। रोजुवास टेबलेट के दो टैबलेट और आइसोट्रोइन टेबलेट की रिपोर्ट अधोमानक है। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि इन दवाओं का मिश्रण मानक के अनुरूप कम पाया गया है।
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छापेमारी के दौरान नकली दवाइयों का काम करने वाला मास्टर माइंड रवि कुमार फरार हो गए थे और उनके पिता रुपचंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर दवाइयों का स्टॉक मिला था। इन दवाइयों का ना तो कई लाइसेंस था और न ही इनका कोई रिकार्ड पाया गया। गिरोह नकली दवाओं को व्यापक स्तर पर थोक विक्रेता तथा फुटकर दुकानदारों को सप्लाई कर रहा था। गिरोह बड़े स्तर पर सात ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयां बनाकर बेचते थे। कार्रवाई के औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा, राजकुमार सहित अन्य लोग देर रात तक कार्रवाई में लगे थे।
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