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Ghaziabad News: लिंग परीक्षण कराने वाले सरगना समेत तीन गिरफ्तार
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गाजियाबाद। भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए बदनाम हो चुके लोनी कस्बे में बुधवार की शाम ऐसा ही एक और बड़ा पर्दाफाश हुआ है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस बार ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो जेब में आ जाने वाली महज छह इंच की छोटी सी हाईटेक मशीन से अल्ट्रासाउंड करके गर्भ में लड़का या लड़की होने की जानकारी देता था। इसके बदले 25 हजार रुपये लिए जाते थे। अल्ट्रासाउंड 12वीं पास युवक कपिल करता था। डमी ग्राहक के जरिए जाल बिछाकर उसे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मशीन को जब्त कर उनसे एक लाख पांच हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
शाहदरा के निवासी कपिल, देवेंद्र और सुमित्रा को गिरफ्तार किया है। सुमित्रा के घर में लिंग भ्रूण परीक्षण किया जाता था। गिरोह का सरगना कपिल शाहदरा का निवासी है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने यह मशीन दिल्ली में विजय नाम के युवक से डेढ़ लाख में खरीदी थी। ऐसी हाईटेक मशीन उसने पहली बार देखी। विजय इसे विदेश से लाया था। इस मशीन को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। इसे वाई फाई से जोड़ा जाता है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मॉनिटर की जगह टैबलेट इस्तेमाल किया जाता है।
सुमित्रा का बेटा नशे का आदी है। कपिल ने पुलिस को बताया कि उसे पता चला कि सुमित्रा गरीब है और बेटा उस पर नशे के लिए पैसे देने का दबाव बनाता है। इस पर उसने सुमित्रा से संपर्क किया तो वह घर में लिंग भ्रूण परीक्षण कराने के लिए राजी हो गई। इसके लिए उसे मोटी रकम दी जा रही थी। प्री कन्सेप्शन एंड प्री नेटल डाइग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. चरण सिंह ने बताया कि कपिल के पास से मिली मशीन अब तक जब्त की गई मशीनों में सबसे हाईटेक है। इसके बारे में जानकारी की जा रही है।
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जेल से छूटते ही कर रहे लिंग परीक्षण
कपिल ने बताया कि वह लिंग परीक्षण के कई केंद्रों में काम करता है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों में 10 से ज्यादा लोगों को पकड़ा है। इनमें से आधे से ज्यादा ऐसे हैं जो जमानत पर जेल से छूटते ही फिर से इसी काम में लग गए हैं। उन्होंने जगह बदल ली है। वह इन केंद्रों पर जाता है। लोनी में लिंग परीक्षण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसे एजेंटों के जरिए किया जाता है। सबसे ज्यादा कमीशन एजेंट ही लेते हैं।
हरियाणा की टीम ने दी थी जानकारी
कपिल और उसके सेंटर के बारे में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग से मिली। हरियाणा की टीम लोनी में ऐसे कई केंद्र पकड़ चुकी है। टीम ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर से बड़ी संख्या में महिलाएं लिंग परीक्षण के लिए लोनी आती हैं। उन्होंने कपिल का नाम बताया है। इस पर गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाल बिछाकर कपिल को पकड़ लिया ।उसके पास डमी ग्राहक भेजी गई। महिला ने जैसे ही इशारा किया, वैसे ही कपिल को गिरफ्तार कर लिया गया।
सबको लड़की ही बताता था
कपिल ने बताया कि उसे सिर्फ अल्ट्रासाउंड करना आता है। यह एक केंद्र पर सीखा था। भ्रूण का लिंग मालूम करने के लिए सोनोग्राफी भी आनी चाहिए लेकिन उसे यह नहीं आती है। वह सिर्फ पेट का अल्ट्रासाउंड करता था। इसी की रिपोर्ट देखकर कह देता था कि गर्भ में लड़की है। उसे मालूम है कि लड़की का पता चलने पर ज्यादातर लोग गर्भपात करा लेते हैं। ऐसे में उसे डर नहीं था कि उसकी बताई गई रिपोर्ट गलत साबित होगी।
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शाहदरा के निवासी कपिल, देवेंद्र और सुमित्रा को गिरफ्तार किया है। सुमित्रा के घर में लिंग भ्रूण परीक्षण किया जाता था। गिरोह का सरगना कपिल शाहदरा का निवासी है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने यह मशीन दिल्ली में विजय नाम के युवक से डेढ़ लाख में खरीदी थी। ऐसी हाईटेक मशीन उसने पहली बार देखी। विजय इसे विदेश से लाया था। इस मशीन को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। इसे वाई फाई से जोड़ा जाता है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मॉनिटर की जगह टैबलेट इस्तेमाल किया जाता है।
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सुमित्रा का बेटा नशे का आदी है। कपिल ने पुलिस को बताया कि उसे पता चला कि सुमित्रा गरीब है और बेटा उस पर नशे के लिए पैसे देने का दबाव बनाता है। इस पर उसने सुमित्रा से संपर्क किया तो वह घर में लिंग भ्रूण परीक्षण कराने के लिए राजी हो गई। इसके लिए उसे मोटी रकम दी जा रही थी। प्री कन्सेप्शन एंड प्री नेटल डाइग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. चरण सिंह ने बताया कि कपिल के पास से मिली मशीन अब तक जब्त की गई मशीनों में सबसे हाईटेक है। इसके बारे में जानकारी की जा रही है।
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जेल से छूटते ही कर रहे लिंग परीक्षण
कपिल ने बताया कि वह लिंग परीक्षण के कई केंद्रों में काम करता है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों में 10 से ज्यादा लोगों को पकड़ा है। इनमें से आधे से ज्यादा ऐसे हैं जो जमानत पर जेल से छूटते ही फिर से इसी काम में लग गए हैं। उन्होंने जगह बदल ली है। वह इन केंद्रों पर जाता है। लोनी में लिंग परीक्षण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसे एजेंटों के जरिए किया जाता है। सबसे ज्यादा कमीशन एजेंट ही लेते हैं।
हरियाणा की टीम ने दी थी जानकारी
कपिल और उसके सेंटर के बारे में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग से मिली। हरियाणा की टीम लोनी में ऐसे कई केंद्र पकड़ चुकी है। टीम ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर से बड़ी संख्या में महिलाएं लिंग परीक्षण के लिए लोनी आती हैं। उन्होंने कपिल का नाम बताया है। इस पर गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाल बिछाकर कपिल को पकड़ लिया ।उसके पास डमी ग्राहक भेजी गई। महिला ने जैसे ही इशारा किया, वैसे ही कपिल को गिरफ्तार कर लिया गया।
सबको लड़की ही बताता था
कपिल ने बताया कि उसे सिर्फ अल्ट्रासाउंड करना आता है। यह एक केंद्र पर सीखा था। भ्रूण का लिंग मालूम करने के लिए सोनोग्राफी भी आनी चाहिए लेकिन उसे यह नहीं आती है। वह सिर्फ पेट का अल्ट्रासाउंड करता था। इसी की रिपोर्ट देखकर कह देता था कि गर्भ में लड़की है। उसे मालूम है कि लड़की का पता चलने पर ज्यादातर लोग गर्भपात करा लेते हैं। ऐसे में उसे डर नहीं था कि उसकी बताई गई रिपोर्ट गलत साबित होगी।