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UP: इस बार होंगे दो जेठ मास, 59 दिनों तक चलेगा, 2 मई से शुरू हो रहा जेठ का महीना; वैवाहिक कार्यक्रम भी न होंगे
Wed, 29 Apr 2026 10:52 PM IST
Akash Dubey
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: Akash Dubey
Updated Wed, 29 Apr 2026 10:52 PM IST
सार
दो मई से शुरू हो रहे जेठ मास में इस बार दो जेठ मास होंगे। अधिक मास में वैवाहिक सहित शुभ कार्य वर्जित हैं। भगवान विष्णु को प्रिय होने से पूजा-दान शुभ फल देते हैं।
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अधिक मास
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दो मई से जेठ का महीना शुरू हो रहा है। इस बार दो जेठ मास होंगे। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि संवत्सर गणना में हर तीन वर्ष में एक माह की वृद्धि होती है जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस अधिक मास में वैवाहिक कार्य नहीं होते हैं।
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पंडित शिव कुमार ने बताया कि हिंदी महीनों में चंद्र गणना के अनुसार चंद्रमा की 16 कलाओं की सूक्ष्म गणनाओं के आधार पर तिथियां घटती बढ़ती रहती हैं। तीन वर्ष में लगभग उन्नतीस या तीस दिन का अंतर हो जाता है। इसको पूरा करने के लिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार अलग-अलग महीने अधिक मास हो जाते हैं। इस बार की गणना के अनुसार ज्येष्ठ के दो महीने हैं।
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शुद्ध और अधिक मास मिलाकर इस बार ज्येष्ठ मास 59 दिन का होंगा। उन्होंने बताया कि दो मई से आरंभ होकर 29 जून तक ज्येष्ठ की प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ेगा। सौर गणना के अनुसार हर महीने संक्रांति बदलती रहती है लेकिन अधिक मास के समय पहले महीने में सूर्य संक्रांति नहीं आती इसलिए इसे अधिक मास कहते हैं।
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इस अधिक मास में वैवाहिक कार्यों सहित गृह निर्माण, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि अधिक मास भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। इसलिए पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु के पूजा, मंत्र जाप अथवा विशेष अनुष्ठान करने से शुभ फल मिलते हैं। इस दौरान गरीब, असहाय को दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे अन्न, जल वस्त्र, दान करने का बहुत महत्व है।