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Ghaziabad News: इस बार 14 को मनाई जाएगी मकर संक्रांति
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गाजियाबाद। इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। मंगलवार को सुबह आठ बजकर 56 मिनट पर सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने पर ही संक्रांति मनाई जाती है।
नेहरूनगर स्थित शिव मंदिर के पुजारी सुनील शास्त्री का कहना है कि इस बार संक्रांति 14 को ही मनाई जाएगी। जो लोग सुबह चार बजे स्नान आदि करके दानपुण्य करना चाहते हैं, वह कर सकते हैं। जो लोग सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही स्नान आदि करके दान करना चाहते हैं, वह नौ बजे के बाद स्नान करें। सूर्य आठ बजकर 56 मिनट पर उत्तरायण होंगे। उनका कहना है कि पिछले पांच सालों से मकर संक्रांति 15 को मनाई जा रही थी, कुछ लोग इसे निर्धारित तिथि के अनुसार 14 को मना रहे थे, इसलिए असमंजस की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन इस बार पूरे देश में एक साथ 14 को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
कविनगर स्थित स्वयंभू शिवमंदिर के पुजारी पंडित गौरीशंकर मिश्रा कहते हैं कि इस बार 14 को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह पूरे दिन रहेगा। लोग पूरे दिन दान-पुण्य कर सकते हैं। उनका कहना है कि इसी दिन से हिंदू धर्म में पूस के बाद शुभ कार्य शुरू होते हैं।
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राजेंद्रनगर स्थित काली मंदिर के पुजारी श्रवण कुमार के अनुसार 14 को सुबह नौ बजे से स्नान आदि करके दानपुण्य करें। उनका कहना है कि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और दान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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नेहरूनगर स्थित शिव मंदिर के पुजारी सुनील शास्त्री का कहना है कि इस बार संक्रांति 14 को ही मनाई जाएगी। जो लोग सुबह चार बजे स्नान आदि करके दानपुण्य करना चाहते हैं, वह कर सकते हैं। जो लोग सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही स्नान आदि करके दान करना चाहते हैं, वह नौ बजे के बाद स्नान करें। सूर्य आठ बजकर 56 मिनट पर उत्तरायण होंगे। उनका कहना है कि पिछले पांच सालों से मकर संक्रांति 15 को मनाई जा रही थी, कुछ लोग इसे निर्धारित तिथि के अनुसार 14 को मना रहे थे, इसलिए असमंजस की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन इस बार पूरे देश में एक साथ 14 को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
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कविनगर स्थित स्वयंभू शिवमंदिर के पुजारी पंडित गौरीशंकर मिश्रा कहते हैं कि इस बार 14 को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह पूरे दिन रहेगा। लोग पूरे दिन दान-पुण्य कर सकते हैं। उनका कहना है कि इसी दिन से हिंदू धर्म में पूस के बाद शुभ कार्य शुरू होते हैं।
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राजेंद्रनगर स्थित काली मंदिर के पुजारी श्रवण कुमार के अनुसार 14 को सुबह नौ बजे से स्नान आदि करके दानपुण्य करें। उनका कहना है कि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और दान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।