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Ghaziabad News: 123 मेगावाट लोड पड़ने पर ही ठप हुई जोन की बिजली व्यवस्था
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साहिबाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग में हुए इजाफे ने जोन-3 की विद्युत व्यवस्था चौपट कर दी है। गर्मी से पहले क्षेत्र में 570 मेगावाट बिजली की खपत थी, लेकिन अब यह मांग बढ़कर 693 मेगावाट तक पहुंच गई है। करीब 123 मेगावाट अतिरिक्त लोड पड़ते ही बिजली आपूर्ति बाधित होने लगी और कटौती व ट्रिपिंग की समस्या तेजी से बढ़ी है।
दरअसल, ऊर्जा निगम तीन वर्ष से बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 280 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। बावजूद गर्मी आते ही पूरा सिस्टम हांफने लगता है। लगातार लोकल फॉल्ट, ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग और फीडरों के ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। वसुंधरा निवासी कपिल कुमार का कहना है कि हर साल करोड़ों खर्च करने के बाद भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं, इंदिरापुरम निवासी रंजनी देवी का कहना है कि हर साल ऊर्जा निगम मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है। जमीनी स्तर पर यदि काम होता तो गर्मी शुरू होते ही इतनी कटौती और फॉल्ट नहीं होते। यह हाल तब जब सर्दियों में कई महीने तक मरम्मत के नाम पर शटडाउन लिए गए थे।
उधर, जोन-3 में वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, साहिबाबाद, बृज विहार, सूर्यानगर, भोवापुर और शालीमार गार्डन समेत कुल 31 विद्युत वितरण केंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है।
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जोन में दो साल में की गई बिजली खपत
साल खपत
2024-25 3425.25 मेगावाट
2025-26 3448.77 मेगावाट
जोन में हर साल किए जा रहे रुपये खर्च
2023-24 75 करोड़
2024-25 100 करोड़
2025-26 73 करोड़
2026-27 72 करोड़
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जोन तीन में बिजनेस प्लान के तहत लगातार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और पुरानी लाइन बदलने के लिए काम किया जा रहा है। इसका असर भी बिजली व्यवस्था के सुधार में पड़ रहा है।- बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम जोन तीन
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दरअसल, ऊर्जा निगम तीन वर्ष से बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 280 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। बावजूद गर्मी आते ही पूरा सिस्टम हांफने लगता है। लगातार लोकल फॉल्ट, ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग और फीडरों के ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। वसुंधरा निवासी कपिल कुमार का कहना है कि हर साल करोड़ों खर्च करने के बाद भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं, इंदिरापुरम निवासी रंजनी देवी का कहना है कि हर साल ऊर्जा निगम मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है। जमीनी स्तर पर यदि काम होता तो गर्मी शुरू होते ही इतनी कटौती और फॉल्ट नहीं होते। यह हाल तब जब सर्दियों में कई महीने तक मरम्मत के नाम पर शटडाउन लिए गए थे।
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उधर, जोन-3 में वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, साहिबाबाद, बृज विहार, सूर्यानगर, भोवापुर और शालीमार गार्डन समेत कुल 31 विद्युत वितरण केंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है।
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जोन में दो साल में की गई बिजली खपत
साल खपत
2024-25 3425.25 मेगावाट
2025-26 3448.77 मेगावाट
जोन में हर साल किए जा रहे रुपये खर्च
2023-24 75 करोड़
2024-25 100 करोड़
2025-26 73 करोड़
2026-27 72 करोड़
जोन तीन में बिजनेस प्लान के तहत लगातार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और पुरानी लाइन बदलने के लिए काम किया जा रहा है। इसका असर भी बिजली व्यवस्था के सुधार में पड़ रहा है।- बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम जोन तीन