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Ghaziabad News: मासूमों की मौत पर पीड़ित परिजनों की पथराई आंखें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:15 AM IST
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The glazed eyes of the bereaved families over the deaths of the innocent.
गाजियाबाद। सरकारी विभागों की लापरवाही से बरसात के कारण हुए जलभराव में डूबकर मोहिद्दीनपुर ढबारसी में मोहम्मद शाद(08) और सर्वोदय कालोनी में तीन वर्षीय पल्लवी उर्फ माधवी की मौत के बाद परिजनों की आंखों के आंसू सूख गए हैं। जिन घरों के आंगन में कुछ घंटे पहले बच्चों की किलकारी थी शुक्रवार को चीख और चित्कार के सिवा कुछ सुनाई नहीं दिया। आसपास के लोग सांत्वना देने के लिए जुटे रहे लेकिन लापरवाही के जिम्मेदार आश्वासन के बाद भी उनकी दहलीज तक नहीं पहुंचे।
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मसूरी थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर ढबारसी में रहने वाले शादाब के तीन संतानों में मो. शाद सबसे बड़ा था। घर के पीछे अतिक्रमण से अटे नाले में डूबकर बृहस्पतिवार की दोपहर आठ वर्षीय मो. शाद की मौत हो गई। कक्षा चार में पढ़ने वाले मोहम्मद शाद बेटे की किताबों को देखकर छाती पीटता नजर आया। बताया कि घर में कोई पढ़ा लिखा नहीं था। सोचा था मोहम्मद शाद को शिक्षित करुंगा और सरकारी नौकरी कराउंगा। वह मजदूरी करके थक चुका है। खंभों और दीवारों पर चढ़कर फ्लैक्स लगाने वाले शादाब को तनिक भी अंदाजा नहीं था कि किस्मत उसे बेटे की मौत का गम देगी। शादाब ने बताया कि बेटा कब्र में है और समस्या जस की तस। मांग की है कि अन्य लोगों के साथ ऐसी घटना न हो इसके लिए गंदगी से अटे नाले का अतिक्रमण हटाकर प्रशासन को इसे पक्का कराना चाहिए। दो वर्षीय बेटी अरसिया और छह माह के बेटे मो. जुनैद को गले लगाते हुए वह तड़फ उठे, बोले तुम्हारा भाई हमें छोड़कर चला गया रे...।
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उधर, सर्वोदय नगर की गली-3 जस की तस है, पानी से होकर लोग गुजरते नजर आए। आसपास के मकानों में अभी भी जलभराव है। सब्जी विक्रेता सुमित, पत्नी खुशबू और फर्रुखाबाद से आए उनके माता-पिता तीन वर्षीय मानवी की मौत से गमजदा हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद मानवी का दाह संस्कार शुक्रवार को हिंडन मोक्षधाम पर किया गया। पीड़ित सुमित ने बताया कि जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित में चार लाख रुपये की आर्थिक मदद, आवास, संविदा पर नौकरी और जलभराव से मुक्ति का आश्वासन दिया है। हालांकि शुक्रवार को किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली।
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