फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The condition of underground water in Vijayanagar is pathetic.

Ghaziabad News: विजयनगर में भूगर्भ जल की स्थिति दयनीय

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 02:48 PM IST
विज्ञापन
The condition of underground water in Vijayanagar is pathetic.
गाजियाबाद। गिरते भूगर्भ जल स्तर को सुधारने के लिए जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति विभिन्न प्रयास कर रही है लेकिन फिर भी गिरते जल स्तर में सुधार नहीं हो रहा है। शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक विजयनगर की स्थिति सबसे अधिक खराब है। मानसून से पहले और मानसून के बाद दर्ज किए गए आंकड़ों में सुधार की बजाय गिरावट दर्ज की गई है। गाजियाबाद रेड जोन में है और इसका औसत भूगर्भ जल स्तर 28 मीटर के करीब पहुंच गया है।
विज्ञापन

विजयनगर में भूगर्ग जल स्तर 47 मीटर नीचे पहुंच गया है। यह स्थिति तब है जब विभिन्न उपाय करने के दावे किए जा रहे हैं। मानसून से पहले यहां का जल स्तर 47.3 वहीं मानसून के बाद और गिरकर 47.67 मीटर पहुंच गया है। दूसरे नंबर पर शहरी क्षेत्र में वैशाली और तीसरे स्थान पर झंडापुर और चौथे स्थान पर साहिबाबाद गांव शामिल है। ब्लॉक स्तर पर लोनी की स्थित सबसे खराब है। अधिकारियों का दावा है कि इस वर्ष मानसून के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ है लेकिन पिछले वर्ष की अपेक्षा जल स्तर एक मीटर और नीचे चला गया है।
विज्ञापन


इस वर्ष जल स्तर की स्थिति
क्षेत्र पोस्ट मानसून प्री मानसून
विजयनगर 47.03 47.67
वैशाली - 35.89 37.62
झंडापुर 34.98 35.06
साहिबाबाद 32.98 33.34
---------
ब्लॉक की स्थिति
रजापुर 13.68
भोजपुर 9.87
लोनी - 24.08
मुरादनगर - 5.45
-------
इनसेट:
क्या-क्या हो रहे हैं प्रयास
भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाने के लिए पिछले कई वर्षों से अभियान चलाया जा रहा है। 900 तालाबों में अधिकतर तालाबों का जीर्णोद्धार का दावा किया गया है। इसके अलावा सभी भवनों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की भी कवायद चल रही है। जो औद्योगिक ईकाइयों अवैध रूप से जल दोहन कर रही हैं उनको चिन्हित करने का कार्य भी किया जा रहा है। जिले में 30 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं जिसमें से सिर्फ 711 इकाइयों को बोरवेल के लिए विभागीय अनुमति मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने सहित जो संस्थान अवैध भूगर्भ जल दोहन कर रहे हैं उनको एनओसी लेने के लिए कहा जा रहा है साथ ही उनको यह भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वह जितना जल दोहन करेंगे उतना रिचार्ज करने के उपाय करें। जल संरक्षण के लिए 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले भवनों के अलावा औद्योगिक इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया गया।
- हरिओम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग
--------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed